बलरामपुर में सनसनी: ‘साथ मरेंगे’ कहकर पत्नी को उतारा मौत के घाट, फिर बच्चों की याद आते ही खुद जहर खाने से पलटा
बलरामपुर (ए): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक बीमार पति ने मौत का ऐसा खौफनाक खेल रचा कि पहले अपनी पत्नी को साथ मरने के लिए राजी किया और फिर बेरहमी से उसकी जान ले ली। राजपुर थाना क्षेत्र के मुरका जिड़गी पारा में हुई इस वारदात ने पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों को सन्न कर दिया है। आरोपी पति ने अपनी पत्नी को पीटा, गला दबाया और जब मौत नहीं हुई तो उसे पैरों से कुचलकर मार डाला। इस दरिंदगी के बाद वह पूरी रात अपनी पत्नी की लाश के पास खेत में बैठा रहा, मानो अपनी ही बर्बादी का मातम मना रहा हो।
बीमारी और तंगी का खूनी अंजाम, गन्ने के खेत में मिली महिला की क्षत-विक्षत लाश
इस दर्दनाक हत्याकांड की कहानी 30 वर्षीय राम दिल आयाम उर्फ मिथुन की बीमारी और आर्थिक तंगी से शुरू होती है। पिछले तीन साल से पेट और बदन दर्द से जूझ रहा मिथुन इलाज में अपनी जमा-पूंजी गंवा चुका था। हताशा में उसने अपनी 30 वर्षीय पत्नी फरहारो के साथ सामूहिक आत्महत्या का मन बनाया। दोनों घर से इलाज के बहाने निकले और गन्ने के खेत में जा पहुंचे। वहां मिथुन ने खौफनाक रास्ता अपनाया और अपनी पत्नी के सिर और चेहरे पर हमला कर उसे अधमरा कर दिया। इसके बाद उसने गला घोंटकर और पैरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। मौके पर बिखरे खून के छींटे और जहर की बोतल इस बात की गवाही दे रहे थे कि वहां कितना भयानक मंजर रहा होगा।

रातभर लाश के साथ गुजारी रात, सुबह गांव पहुंचकर खुद ही कबूला अपना गुनाह
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मिथुन पूरी रात अपनी पत्नी के शव के पास ही बैठा रहा। उसने खुद भी जहर खाने की योजना बनाई थी, लेकिन जैसे ही उसे अपने 8 साल के बेटे और 3 साल की मासूम बेटी का ख्याल आया, उसकी हिम्मत जवाब दे गई। बच्चों के अनाथ होने के डर से वह खुदकुशी नहीं कर सका और सुबह अकेले गांव लौट आया। गांव पहुंचते ही उसने ग्रामीणों और अपने भाई के सामने चीख-चीखकर अपना गुनाह कबूल कर लिया कि उसने अपनी पत्नी को मार डाला है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर गन्ने के खेत से लाश बरामद कर ली है और आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।