77वें गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक घोषणाएं: मार्च 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद और सुरक्षा बलों को मिलेगा विशेष पदक
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ राज्य आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और नई उम्मीदों के साथ मना रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस मैदान में ध्वजारोहण कर एक नया इतिहास रचा, क्योंकि वे प्रदेश के दूसरे ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं जिन्होंने बिलासपुर जिला मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया है। मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक दिन पर प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए एक बड़ा लक्ष्य सामने रखा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो जाएगा। नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है और सरकार प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करने के लिए बस्तर कैफे, नियद नेल्ला नार योजना और सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाते हुए घोषणा की कि छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर विशेष पदक से सम्मानित किया जाएगा।
राजधानी रायपुर का डिजिटल कायाकल्प और विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की राजधानी रायपुर को लेकर भी एक बहुत बड़ा विजन साझा किया है, जिसके तहत रायपुर को आने वाले समय में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कदम न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि यहां के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिजों के लिए ही नहीं, बल्कि उच्च तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी देश में अपनी पहचान बनाएगा। बिलासपुर के समारोह में परेड की सलामी लेते हुए सीएम साय ने स्पष्ट किया कि विकास की मुख्यधारा को बस्तर से लेकर सरगुजा तक हर कोने में पहुंचाया जा रहा है, ताकि राज्य का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
राज्यपाल रमेन डेका का रायपुर में संबोधन और परेड का आकर्षण
राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राज्यपाल रमेन डेका ने तिरंगा फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। समारोह के दौरान आसमान में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े गए, जो शांति और प्रगति का संदेश दे रहे थे। इस साल की परेड में अनुशासन और शौर्य का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसमें केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के 17 प्लाटूनों ने हिस्सा लिया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद के निर्देशन में आयोजित इस परेड ने दर्शकों का मन मोह लिया। परेड में न केवल सुरक्षा बलों की टुकड़ियां शामिल थीं, बल्कि घुड़सवार दल और विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड ने भी अपनी जांबाजी और अनुशासन का प्रदर्शन किया। रायपुर के इस समारोह ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सुरक्षा व्यवस्था अब नई तकनीकों और कड़े अनुशासन के साथ पूरी तरह मुस्तैद है।
पूरे प्रदेश में देशभक्ति की लहर और मंत्रियों का प्रवास
गणतंत्र दिवस का यह उत्सव केवल रायपुर और बिलासपुर तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रदेश में सत्ता और प्रशासन के दिग्गजों ने तिरंगा फहराकर जनता का उत्साह बढ़ाया। जगदलपुर के लाल बाग मैदान में डिप्टी सीएम अरुण साव ने ध्वजारोहण किया, वहीं सरगुजा में डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली। जांजगीर-चांपा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी और दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर शासन की उपलब्धियों को गिनाया। प्रदेश के हर जिले से प्रभात रैलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की खबरें आ रही हैं, जहां स्कूली बच्चों ने ‘विकसित भारत’ और ‘नारी शक्ति’ जैसे विषयों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। दिल्ली के राजपथ पर भी छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपनी चमक बिखेरी, जिसमें राज्य के जनजातीय नायकों के पहले डिजिटल संग्रहालय को प्रदर्शित किया गया है।