पैसे के विवाद में परिचितों ने घर से उठाया, कार में बैठाकर होटल ले गए
दुर्ग-भिलाई — छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पैसों की वसूली के लिए की गई बर्बर मारपीट ने एक 19 वर्षीय युवक की जान ले ली। परिचितों द्वारा फिल्मी अंदाज में अगवा कर होटल में बंद कर पीटे गए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में खुलासा हुआ है कि अंदरूनी गंभीर चोटें ही मौत का कारण बनीं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दुर्ग। कसारीडीह निवासी ऋषि निर्मलकर (19) के साथ 20 जनवरी को जो हुआ, वह किसी फिल्मी अपराध कथा से कम नहीं था। पुलिस जांच और परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच तीन युवक ऋषि को बहाने से घर से बाहर ले गए और कार में बैठाकर दुर्ग स्टेशन रोड होते हुए इंदिरा मार्केट स्थित होटल ‘36 इन’ ले गए।
होटल के एक कमरे में ऋषि को बंद कर पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद किया गया, जिसके बाद आरोपियों ने हाथ-मुक्कों से बेरहमी से पिटाई की। मारपीट इतनी गंभीर थी कि उसके कान और आंखों में भारी सूजन आ गई और वह बुरी तरह घायल हो गया।
होटल में छोड़कर भागे आरोपी
मारपीट के बाद आरोपी ऋषि को होटल के कमरे में ही छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह ऋषि ने दोस्तों को फोन किया। दोस्त मौके पर पहुंचे और उसे घर ले आए। परिजनों के पूछने पर उसने घटना के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
दो दिन बाद बिगड़ी हालत
घटना के दो दिन बाद ऋषि की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पहले स्थानीय डॉक्टर को दिखाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज शुरू होने के कुछ घंटों के भीतर रात करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई।
पीएम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
25 जनवरी 2026 को थाना सुपेला में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट, मर्ग पंचनामा, गवाहों के बयान और अस्पताल की डेथ समरी के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि ऋषि की मौत होटल में हुई मारपीट से लगी अंदरूनी चोटों के कारण हुई।
हत्या का मामला दर्ज, एक गिरफ्त में
प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने पर थाना सिटी कोतवाली दुर्ग में आरोपी प्रशांत राव पिता लक्ष्मण राव सहित अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। प्रशांत राव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पिता का दर्द— अब कोई सहारा नहीं
मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि चार से पांच लोगों ने मिलकर उनके इकलौते बेटे को पीटा। उन्होंने दुर्ग निवासी मेजर सागर का नाम भी लिया है, जिस पर ऋषि को कार में बैठाकर ले जाने का आरोप है।
रोते हुए पिता ने कहा, “मेरा बेटा ही मेरा सहारा था, अब सिर्फ इंसाफ चाहिए।”
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।