शक्तिशाली बनने की सनक ने रिश्तों का किया कत्ल छत्तीसगढ़ के 5 जिलों से आई खौफनाक मर्डर की कहानियां
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास और तंत्र विद्या के नाम पर होने वाली बलि की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक के बाद एक सामने आई 5 बड़ी हत्याओं की कहानियों ने यह साबित कर दिया है कि कैसे अमीर बनने और शक्ति पाने के लालच में इंसान हैवान बन चुका है। कहीं तांत्रिक गुरु को जलाया गया तो कहीं मासूम बच्चे का खून लोटे में भरकर पूजा की गई। इन वारदातों का सबसे डरावना पैटर्न यह है कि हत्याएं आवेश में नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ की गईं जिसमें अपनों ने ही अपनों का गला घोंटा और तांत्रिक क्रियाओं को अंजाम देने के लिए खून तक पी लिया।
कहीं माँ की बलि तो कहीं गुरु का कत्ल जशपुर से लेकर दुर्ग तक फैला अंधविश्वास का खूनी खेल
जशपुर में एक चाचा ने अपनी ही 3 साल की भतीजी का सिर धड़ से अलग कर दिया जबकि धमतरी में एक शिष्य ने सिद्धि पाने के लिए अपने गुरु को काटकर उनका खून पी लिया। कोरबा और रायगढ़ में तो बेटों ने अपनी सगी माँ को ही मौत के घाट उतार दिया और उनके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। दुर्ग की घटना ने भी सबको दहला दिया जहां एक तांत्रिक दंपत्ति ने पड़ोसी के बच्चे की बलि चढ़ा दी और लोटे में खून भरकर तंत्र पूजा की। ये सभी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अंधविश्वास का यह जहर समाज में कितनी गहराई तक फैल चुका है जहां लोग तांत्रिकों के बहकावे में आकर किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
तांत्रिकों का डिजिटल मायाजाल और पुलिस की चुनौती अब सोशल मीडिया से फैलाया जा रहा है मौत का डर
विशेषज्ञों का कहना है कि तांत्रिक अब केवल गांवों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वे यूट्यूब और इंस्टाग्राम के माध्यम से भी लोगों का ब्रेनवॉश कर रहे हैं। बीमारी और गरीबी से परेशान लोगों को झटपट समाधान का लालच देकर उन्हें खूनी रास्ते पर धकेला जा रहा है। छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम होने के बावजूद ये घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एडवोकेट और डॉक्टरों का मानना है कि जब तक प्रशासन इन तांत्रिकों और ढोंगी बाबाओं के खिलाफ सख्त जमीनी कार्रवाई नहीं करेगा और लोगों को विज्ञान के प्रति जागरूक नहीं किया जाएगा तब तक मासूमों की बलि का यह सिलसिला रुकना मुश्किल है।