प्रदेश में पारा गिरने से बढ़ी ठिठुरन, मौसम विभाग ने जारी किया विजिबिलिटी और तापमान को लेकर अलर्ट
रायपुर (ए) : छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने दस्तक दे दी है जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। राजधानी रायपुर समेत पेंड्रा और मैनपाट जैसे इलाकों में सुबह से ही धुंध छाई हुई है जिससे सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले चौबीस घंटों के भीतर न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आ सकती है जिससे आने वाले दिनों में सर्दी का सितम और अधिक बढ़ने की संभावना है।
उत्तर छत्तीसगढ़ में घने कोहरे का साया और यातायात की चुनौतियां
सरगुजा संभाग और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में शुक्रवार को घना कोहरा छाया रहा जिससे दृश्यता घटकर महज दस से बीस मीटर के बीच रह गई है। अंबिकापुर और बनारस मार्ग पर विजिबिलिटी कम होने की वजह से वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। पेंड्रा और अमरकंटक के सीमावर्ती इलाकों में कोहरे के साथ-साथ हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई है जिससे नमी और ठंडी हवाओं ने ठिठुरन को और अधिक बढ़ा दिया है।
तापमान का उतार-चढ़ाव और शहरों की स्थिति
प्रदेश के तापमान में बड़े अंतर देखने को मिल रहे हैं जहां एक ओर जगदलपुर इकतीस डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान बना हुआ है वहीं दूसरी ओर अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान ग्यारह दशमलव नौ डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। अमरकंटक की पहाड़ियों पर पारा नौ डिग्री के आसपास पहुंच चुका है और मैनपाट में ओस की बूंदें जमकर बर्फ की परत का रूप ले रही हैं। रायपुर में भी न्यूनतम तापमान अट्ठारह डिग्री के आसपास है लेकिन धुंध और शुष्क हवाओं के कारण सुबह के समय लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं।
बच्चों में हाइपोथर्मिया का बढ़ता खतरा और डॉक्टरों की चेतावनी
ठंड के इस मौसम में बच्चों और नवजातों की सेहत पर गंभीर संकट मंडरा रहा है और बीते एक महीने में रायपुर के अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के चार सौ से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि शिशुओं का शरीर वयस्कों की तुलना में बहुत जल्दी ठंडा हो जाता है और तापमान अट्ठानवे दशमलव छह फारेनहाइट से नीचे गिरने पर उनके महत्वपूर्ण अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। डॉक्टर आकाश लालवानी के अनुसार ठंडी हवा और नमी के संपर्क में आने से शरीर की नब्बे प्रतिशत गर्मी त्वचा के रास्ते बाहर निकल जाती है जो जानलेवा साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी और बचाव के कारगर उपाय
बदलते मौसम और शीतलहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और गर्म कपड़ों का उपयोग करने की अपील की है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि सर्दियों में इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए विटामिन सी युक्त संतरा और आंवला जैसे फलों का सेवन करना चाहिए। साथ ही अदरक और तुलसी की चाय या काढ़े का नियमित उपयोग करने से वायरल इंफेक्शन और सर्दी-जुकाम जैसे रोगों से बचा जा सकता है क्योंकि इनमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।