आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट; वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों ने बरती सावधानी
मुंबई ( ए ) : भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 6 फरवरी, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सुस्ती और गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार की शुरुआत फ्लैट हुई लेकिन जल्द ही बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स करीब 200 अंकों की गिरावट के साथ 83,100 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी लगभग 80 अंकों की कमजोरी के साथ 25,550 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। बाजार में छाई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
सेक्टरवार प्रदर्शन और बिकवाली का माहौल
बाजार में आज सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों में देखा जा रहा है जहाँ निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है। आईटी के अलावा ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, मीडिया, प्राइवेट बैंक और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी गिरावट का रुख बना हुआ है। सेंसेक्स के प्रमुख 30 शेयरों की बात करें तो उनमें से 18 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं जबकि केवल 12 शेयरों में मामूली बढ़त देखी जा रही है। निफ्टी-50 के भी अधिकांश शेयर नीचे ट्रेड कर रहे हैं जिससे बाजार का सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत
भारतीय बाजार पर वैश्विक बाजारों की गिरावट का भी स्पष्ट असर दिख रहा है। अमेरिकी बाजार बीते सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे जहाँ डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों ही प्रमुख सूचकांकों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी। एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला रुख है जहाँ दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि जापान के निक्केई और चीन के शंघाई कंपोजिट में मामूली बढ़त देखी जा रही है लेकिन यह घरेलू बाजार को सहारा देने के लिए पर्याप्त नहीं है।
विदेशी निवेशकों की निकासी और पिछला प्रदर्शन
बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है। आंकड़ों के अनुसार 5 फरवरी को विदेशी निवेशकों ने करीब 1,692 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश करते हुए 924 करोड़ रुपये की खरीदारी की। इससे पहले कल यानी 5 फरवरी को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था जहाँ सेंसेक्स में 503 अंकों और निफ्टी में 133 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।