लालबाग मैदान में संभाग स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ; आदिवासी परंपराओं को करीब से देख हुईं अभिभूत
जगदलपुर (ए)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान पहली बार बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर पहुंचीं। तीन महीने के भीतर छत्तीसगढ़ का यह उनका दूसरा दौरा है, जो बस्तरवासियों के लिए बेहद खास माना जा रहा है। राष्ट्रपति ने जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ के भव्य संभाग स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले उन्होंने वहां लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण किया और बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और रीति-रिवाजों को करीब से समझा।
सांस्कृतिक वैभव की अनूठी झलक
बस्तर पंडुम के मंच पर आदिवासी समाज की गौरवशाली परंपराओं का प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे आदिवासी कलाकार लोकनृत्यों और गीतों के माध्यम से अपनी पहचान को प्रस्तुत कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने इन कलाकारों के उत्साह को सराहा और स्थानीय कला-कृतियों में गहरी रुचि दिखाई।
दौरे के गहरे मायने: ‘अपनी बेटी-बहन’ के बीच बस्तर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा केवल एक राजकीय यात्रा नहीं, बल्कि बस्तर के आदिवासी समाज के लिए सम्मान और आत्मगौरव का प्रतीक है। खुद एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण स्थानीय लोग उन्हें ‘अपनी बेटी या बहन’ के रूप में देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे से:
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बस्तर की लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
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आदिवासी महिलाओं और युवाओं में शिक्षा और आत्मविश्वास को लेकर नई प्रेरणा जगेगी।
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नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में लोकतंत्र व संविधान के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
कल शामिल होंगे गृहमंत्री अमित शाह
बस्तर का यह उत्सव और भी महत्वपूर्ण होने वाला है क्योंकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी आज रात रायपुर पहुंच रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, शनिवार रात रायपुर पहुंचने के बाद रविवार को वे नक्सलवाद की स्थिति पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इसके पश्चात, अमित शाह बस्तर पहुंचकर ‘बस्तर पंडुम’ के समापन समारोह में शिरकत करेंगे।