अगले 6 दिनों तक अधिकतम तापमान रहेगा स्थिर; डॉक्टरों ने दी ‘हाइपोथर्मिया’ से बचने की सलाह
रायपुर (ए)। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज अब धीरे-धीरे बदलने लगा है। प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और किसी भी सक्रिय मौसमी सिस्टम के अभाव में ठंड का असर कम होने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। वहीं, अधिकतम तापमान अगले 6 दिनों तक स्थिर रहने के आसार हैं।
राजनांदगांव में चुभने वाली धूप, अंबिकापुर में अब भी ठिठुरन
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 32°C दर्ज किया गया। दूसरी ओर, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8.4°C रहा, जो प्रदेश में सबसे कम है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां सुबह हल्की धुंध छाए रहने की संभावना है, जबकि दिन का अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 18°C के आसपास रहने का अनुमान है। पेंड्रा और अमरकंटक जैसे पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम की ठंड अब भी बरकरार है।
सावधान! बच्चों पर ‘हाइपोथर्मिया’ का खतरा
तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच बच्चों की सेहत को लेकर विशेषज्ञ चिंतित हैं। रायपुर के अस्पतालों में बीते एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में जल्दी ठंडा होता है, जिससे उनके अंग प्रभावित होने लगते हैं। शरीर का तापमान 98.6 फॉरेनहाइट से नीचे गिरना जानलेवा भी हो सकता है। ठंडी हवा या नमी के संपर्क में आने से शरीर तेजी से अपनी गर्मी खोता है, इसलिए नवजातों और छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी: डाइट और कपड़ों पर दें ध्यान
बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और जरूरत होने पर ही बाहर निकलें। इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए डाइट में विटामिन-C युक्त फल जैसे संतरा, नींबू और आंवला शामिल करने को कहा गया है। इसके अलावा, अदरक-तुलसी की चाय या काढ़े का सेवन वायरल इन्फेक्शन और सर्दी-जुकाम से बचने में बेहद कारगर साबित होता है।