बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण कंपनियों की ट्रूअप, एआरआर व पूंजीगत निवेश याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन सुनवाई
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की विद्युत कंपनियों द्वारा दायर विभिन्न वित्तीय एवं टैरिफ संबंधी याचिकाओं पर जन-सुनवाई का कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग 17 और 18 फरवरी 2026 को प्रदेश के छह प्रमुख शहरों में क्षेत्रीय स्तर पर ऑनलाइन सुनवाई आयोजित करेगा, जिसमें उपभोक्ता, जन-प्रतिनिधि और अन्य हितधारक अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे।
रायपुर। बिजली दरों के निर्धारण और कंपनियों की वित्तीय जरूरतों पर आम उपभोक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने जन-सुनवाई का विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया है। आयोग के समक्ष राज्य की चार प्रमुख बिजली कंपनियों — छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा दायर याचिकाएं विचाराधीन हैं।
इन याचिकाओं में वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), प्रस्तावित टैरिफ निर्धारण और पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से जुड़े विषय शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों तथा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.cserc.gov.in
पर प्रकाशित किया जा चुका है। इच्छुक उपभोक्ता निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से ऑनलाइन सुनवाई में भाग लेकर अपनी बात रख सकते हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 फरवरी 2026 को दुर्ग में प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक, बिलासपुर में दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक तथा राजनांदगांव में दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक जन-सुनवाई होगी।
इसी प्रकार 18 फरवरी 2026 को अंबिकापुर में प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक, जगदलपुर में दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक और रायगढ़ में दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक सुनवाई आयोजित की जाएगी।
आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों से अपील की है कि वे टैरिफ निर्धारण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि बिजली दरों से जुड़े निर्णय पारदर्शी और जनहितकारी बन सकें।