लगातार दूसरे दिन बढ़त, एक दिन में सोना ₹3,151 और चांदी ₹8,432 महंगी; सालभर में सोने ने ₹21 हजार से ज्यादा की छलांग लगाई
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और घरेलू निवेशकों की बढ़ी मांग के बीच सर्राफा बाजार में तेजी का सिलसिला जारी है। गुरुवार को सोना और चांदी दोनों के दामों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे कीमती धातुओं ने फिर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
नई दिल्ली (ए)। बाजार आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर ₹3,151 की तेजी के साथ ₹1.55 लाख के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने भी जबरदस्त उछाल लेते हुए एक किलो का भाव ₹8,432 बढ़कर ₹2.45 लाख पर पहुंचा। कीमती धातुओं में यह तेजी लगातार दूसरे दिन दर्ज की गई है, जिससे बाजार में फिर से मजबूती का माहौल बन गया है।
2026 में अब तक 21 हजार से ज्यादा महंगा हुआ सोना
इस वर्ष की शुरुआत से अब तक सोने के दाम में ₹21,540 की वृद्धि हो चुकी है, जबकि चांदी ₹14,810 महंगी हो चुकी है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड स्तर भी छुआ था। 29 जनवरी को सोना ₹1.76 लाख और चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई थी।
अलग-अलग शहरों में क्यों बदलते हैं दाम?
1. परिवहन और सुरक्षा खर्च:
सोने को एक शहर से दूसरे शहर तक सुरक्षित पहुंचाने में भारी लागत आती है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर स्थानीय कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
2. खपत और बल्क खरीदारी:
दक्षिण भारत जैसे क्षेत्रों में सोने की खपत अधिक है। अधिक मात्रा में खरीदारी करने वाले ज्वेलर्स को छूट मिलती है, जिसका असर स्थानीय दामों पर पड़ता है।
3. स्थानीय ज्वेलरी संगठन:
कई राज्यों और शहरों में ज्वेलर्स एसोसिएशन मांग और आपूर्ति के आधार पर दरें तय करते हैं।
4. पुराने स्टॉक का प्रभाव:
जिन व्यापारियों ने कम कीमत पर स्टॉक खरीदा होता है, वे ग्राहकों को अपेक्षाकृत सस्ती दर पर सोना उपलब्ध करा सकते हैं।
कीमतों में तेजी के प्रमुख कारण
फ्यूचर्स ट्रेडिंग में राहत:
कमोडिटी बाजार में सोना-चांदी के फ्यूचर्स पर अतिरिक्त मार्जिन हटने से ट्रेडिंग सस्ती हुई है, जिससे खरीदारी बढ़ी है।
वैश्विक तनाव का असर:
मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन वार्ता में ठहराव के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर झुक रहे हैं।
अमेरिकी फेड की नीति:
ब्याज दरों में संभावित कटौती के संकेत से भी सोने की मांग में इजाफा हुआ है।
गिरावट के बाद खरीदारी:
हालिया गिरावट के बाद निवेशकों और ज्वेलर्स ने कम भाव पर जमकर खरीदारी की।