- डिफेंडिंग चैंपियन भारत छठी बार टी-20 वर्ल्ड कप के अंतिम चार में
- सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद लगातार दो जीत से वापसी
- बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में खिलाड़ियों का दमदार योगदान
डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने एक बार फिर बड़े टूर्नामेंट में अपनी मजबूती साबित करते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। लीग चरण में लगातार तीन जीत के बाद सुपर-8 में झटका जरूर लगा, लेकिन निर्णायक मुकाबलों में खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी उठाई और टीम को अंतिम चार तक पहुंचाया। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनकी बदौलत भारत ने यह मुकाम हासिल किया।
खेल डेस्क (ए)। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने दबदबा कायम रखते हुए छठी बार सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। लीग स्टेज में तीनों मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी टीम को सुपर-8 के पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली इस शिकस्त के बाद समीकरण जटिल हो गए थे, लेकिन भारत ने लगातार दो जीत दर्ज कर वापसी की और टॉप-4 में स्थान पक्का किया।
1. संजू सैमसन : दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी
कोलकाता में वेस्टइंडीज राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा था। पहले बल्लेबाजी करते हुए कैरेबियाई टीम ने 195 रन बनाए। 196 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारत की ओर से संजू सैमसन ने ओपनिंग करते हुए नाबाद 97 रन (50 गेंद) ठोके और टीम को जीत दिलाकर लौटे। टूर्नामेंट में अब तक वे 3 मैचों में 143 रन बना चुके हैं।
2. जसप्रीत बुमराह : पाकिस्तान पर शुरुआती प्रहार
कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के खिलाफ मुकाबले में भारत ने 175 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की पारी की कमर जसप्रीत बुमराह ने तोड़ी। उन्होंने सईम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को लगातार झटके देकर दबाव बनाया। पाकिस्तान 61 रन से मैच हार गया और भारत की सुपर-8 में राह आसान हो गई।
3. ईशान किशन : अहम पारियां, मजबूत साझेदारी
ईशान किशन इस वर्ल्ड कप में भारत के प्रमुख रन स्कोररों में शामिल हैं। नामीबिया के खिलाफ 61 और पाकिस्तान के खिलाफ 77 रन की पारी खेलकर उन्होंने शीर्ष क्रम को मजबूती दी। पाकिस्तान के विरुद्ध अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने के बाद ईशान ने तिलक वर्मा के साथ 88 रन की साझेदारी कर टीम को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।
4. वरुण चक्रवर्ती : विकेटों की झड़ी
स्पिनर वरुण चक्रवर्ती टूर्नामेंट के टॉप विकेट टेकर्स में शामिल हैं। सात मैचों में 12 विकेट लेकर वे भारत के सबसे सफल गेंदबाज बने हुए हैं। नामीबिया और नीदरलैंड के खिलाफ तीन-तीन विकेट लेकर उन्होंने विपक्षी बल्लेबाजी को झकझोर दिया।
5. हार्दिक पंड्या : ऑलराउंड प्रदर्शन
हार्दिक पंड्या ने बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन दिया। सात मैचों में 172 रन (दो अर्धशतक) बनाने के साथ 156.36 के स्ट्राइक रेट से तेजी दिखाई। नई गेंद से भी प्रभाव छोड़ा और अब तक 6 विकेट अपने नाम किए। पाकिस्तान के खिलाफ पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान को आउट कर मैच का रुख मोड़ दिया।