- अमेरिका-ईरान तनाव से निवेशकों में घबराहट, निफ्टी भी 300 अंक टूटा
- ब्रेंट क्रूड 10% उछलकर 79 डॉलर प्रति बैरल, पेट्रोल-डीजल महंगा होने के संकेत
- MCX पर सोना ₹5 हजार चढ़ा, चांदी में ₹8 हजार की तेजी
- एशियाई बाजारों में बिकवाली, जापान और हॉन्गकॉन्ग में 1.5% से ज्यादा गिरावट
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों की घबराहट के बीच सेंसेक्स 1000 अंकों से अधिक टूटकर 80,200 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला।
मुंबई (ए)। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक वित्तीय बाजारों को हिला दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की खबरों के बीच 2 मार्च को घरेलू शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स 1,000 अंकों (करीब 1.14%) से अधिक की गिरावट के साथ 80,200 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं एनएसई निफ्टी भी लगभग 300 अंक टूटकर 24,850 के आसपास पहुंच गया। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, युद्ध जैसे हालात महंगाई को बढ़ावा देते हैं, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ती है और मुनाफे पर दबाव आता है। यही वजह है कि निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
कच्चे तेल में तेज उछाल
तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। ब्रेंट क्रूड करीब 10% चढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
तेल महंगा होने से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दबाव बन सकता है। अनुमान है कि दिल्ली में पेट्रोल ₹95 से बढ़कर ₹100 प्रति लीटर तक जा सकता है, जबकि डीजल ₹88 से बढ़कर ₹92 प्रति लीटर तक पहुंच सकता है।
सुरक्षित निवेश की ओर रुझान
अनिश्चित माहौल में निवेशकों ने सोने-चांदी का रुख किया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹5,000 (करीब 3%) की तेजी के साथ 1.67 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी ₹8,000 उछलकर 2.91 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जंग लंबी खिंचती है तो सोना 1.90 लाख रुपए और चांदी 3.5 लाख रुपए प्रति किलो तक जा सकती है।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
- वैश्विक दबाव का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा।
- जापान का निक्केई इंडेक्स 1.53% गिरकर 57,950 पर पहुंच गया।
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.60% लुढ़ककर 26,035 पर रहा।
- चीन का शंघाई कंपोजिट हल्की बढ़त के साथ 4,160 पर कारोबार करता दिखा।
- अमेरिकी बाजार मिला-जुला
- इससे पहले 27 फरवरी को अमेरिकी बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला।
- डाउ जोन्स 17 अंक (करीब 1.05%) गिरकर 48,977 पर बंद हुआ।
- नैस्डैक कंपोजिट 0.92% फिसलकर 22,668 पर आ गया।
- S&P 500 30 अंक (0.43%) गिरकर 6,878 पर बंद हुआ।
कुल मिलाकर, भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में युद्ध की दिशा और कच्चे तेल की चाल ही बाजार की अगली दिशा तय करेगी।