- केमिकल रंगों से त्वचा और आंखों को नुकसान का खतरा
- होली खेलने से पहले त्वचा और बालों की करें तैयारी
- डायबिटीज और हाई बीपी मरीज भीड़ और ज्यादा मिठाई से बचें
- प्राकृतिक रंगों और घरेलू नुस्खों से मनाएं सुरक्षित त्योहार
होलिका दहन के साथ ही रंगों का त्योहार होली पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। उमंग और मस्ती के इस पर्व में कई बार लोग केमिकल युक्त रंगों का इस्तेमाल कर बैठते हैं, जो त्वचा और सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि त्योहार की खुशियों के साथ सेहत का भी ख्याल रखा जाए, ताकि रंगों का मजा किसी परेशानी में न बदले।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में होली का उल्लास छाने लगा है। होलिका दहन के बाद रंगों की बौछार और पिचकारी की फुहार के बीच लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं देंगे। हालांकि, उत्साह में कई बार सावधानी पीछे छूट जाती है और केमिकल रंग त्वचा, बाल और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
केमिकल रंगों से बचें
बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक रसायन मिले होते हैं, जो एलर्जी, खुजली, रैशेज और आंखों में जलन का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञ प्राकृतिक और हर्बल रंगों के उपयोग की सलाह देते हैं। घर पर हल्दी, चंदन, गुलाब या फूलों से बने रंग सुरक्षित विकल्प हो सकते हैं।
रंग खेलने से पहले करें तैयारी
होली खेलने निकलने से पहले त्वचा पर सरसों या नारियल तेल की हल्की परत लगा लें। इससे रंग त्वचा पर चिपकते नहीं हैं और बाद में आसानी से निकल जाते हैं। बालों में भी तेल लगाने से नुकसान कम होता है। पूरे बाजू के कपड़े पहनना बेहतर रहता है।
बेसन-दही का कारगर नुस्खा
रंग छुड़ाने के लिए कठोर साबुन या केमिकल क्लीनर का इस्तेमाल त्वचा को रूखा बना सकता है। इसके बजाय बेसन, दही और हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें और हल्के हाथों से लगाएं। यह मिश्रण रंग हटाने के साथ त्वचा को पोषण भी देता है। गुनगुने पानी से चेहरा और शरीर साफ करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
बीपी और शुगर मरीज रखें ध्यान
त्योहार के दौरान खानपान में मिठाइयों और तले खाद्य पदार्थों की भरमार रहती है। हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादा भीड़, धूप और शारीरिक थकान से बचें। समय पर दवा लें और संतुलित आहार का पालन करें।
आंखों और त्वचा की सुरक्षा जरूरी
अगर रंग आंखों में चला जाए तो तुरंत साफ पानी से धोएं। जलन या सूजन होने पर डॉक्टर से सलाह लें। त्वचा पर रिएक्शन दिखे तो घरेलू उपचार के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहतर रहेगा।