बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत बड़ी उपलब्धि, 2029 तक पूरे जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य
बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में गरियाबंद जिले को बड़ी सफलता मिली है। जिले की 277 ग्राम पंचायतों और 5 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है। संबंधित क्षेत्रों से पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला सामने नहीं आने के आधार पर यह घोषणा की गई है।
गरियाबंद। बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत गरियाबंद जिले में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जिले की 277 ग्राम पंचायतों तथा 5 नगरीय निकायों को आधिकारिक रूप से बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है।
जिले को चरणबद्ध तरीके से बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए रणनीति और कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत 31 मार्च 2029 तक पूरे जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य स्तर पर 334 ग्राम पंचायतों में से 40 प्रतिशत यानी 134 ग्राम पंचायतों और 2 नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य तय किया गया था।
इस लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए विभिन्न विकासखंडों से बड़ी संख्या में पंचायतों ने बाल विवाह मुक्त होने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। इनमें गरियाबंद विकासखंड की 59, छुरा की 68, फिंगेश्वर की 53, मैनपुर की 58 तथा देवभोग की 39 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन सभी क्षेत्रों से पिछले दो वर्षों में बाल विवाह का कोई मामला दर्ज नहीं होने संबंधी प्रमाण प्राप्त होने के बाद इन्हें बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति, संस्था या क्षेत्र के लोगों को इस घोषणा के संबंध में कोई आपत्ति है या कहीं बाल विवाह का मामला संज्ञान में है, तो वे 6 मार्च तक जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला गरियाबंद के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।