ईरान का पलटवार, इजराइल समेत 5 देशों पर हमले का दावा; IRGC बोला—6 महीने तक लड़ सकते हैं जंग
मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के नौवें दिन इजराइल ने ईरान के तेल भंडार और रिफाइनरी से जुड़े ठिकानों पर बड़े हवाई हमले किए। इन हमलों में कई तेल डिपो और फ्यूल टैंक तबाह होने की खबर है, जबकि ईरान ने भी कई देशों पर हमले करने का दावा किया है।
तेहरान (ए)। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष नौवें दिन और तेज हो गया है। इजराइल ने शनिवार को ईरान के तेल भंडार और रिफाइनरी से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए। इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों में ईरान के कम से कम 30 फ्यूल टैंक और तीन बड़े तेल डिपो को निशाना बनाया गया, जिससे कई स्थानों पर भारी तबाही हुई।
हमलों के बाद राजधानी तेहरान के तेल भंडारण क्षेत्र के पास भीषण आग की लपटें और धुएं के गुबार उठते देखे गए। बताया जा रहा है कि जिस तेल भंडार सुविधा को निशाना बनाया गया है, उस पर इससे पहले जून 2025 में भी हमला किया गया था।
इजराइल की कार्रवाई के बाद ईरान ने भी पलटवार का दावा किया है। ईरान के अनुसार उसने इजराइल के साथ-साथ कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़े सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान को लेकर अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि वह अमेरिका और इजराइल के खिलाफ लंबे समय तक युद्ध लड़ने की क्षमता रखता है। IRGC के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड दोनों ही छह महीने तक युद्ध जारी रखने में सक्षम हैं।
उन्होंने दावा किया कि मध्य-पूर्व क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सैन्य अड्डों और रणनीतिक सुविधाओं से संबंधित 200 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। बढ़ते हमलों के बीच पूरे मिडिल ईस्ट में सुरक्षा और तनाव की स्थिति और गंभीर हो गई है।