सप्लाई संकट और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार का फैसला; अफवाहों के चलते बढ़ी पैनिक बुकिंग
देश में रसोई गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति पर दबाव के बीच सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग 45 दिन बाद ही की जा सकेगी, ताकि जमाखोरी और अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगाई जा सके।
नई दिल्ली (ए)। देशभर में रसोई गैस की आपूर्ति पर बढ़ते दबाव और जमाखोरी की शिकायतों के बीच सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। नए नियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू सिलेंडर लेने के बाद अब अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतराल अनिवार्य कर दिया गया है।
पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में बताया कि यह कदम गैस सिलेंडर की आपूर्ति को संतुलित रखने और अफवाहों के कारण बढ़ रही पैनिक बुकिंग को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। हाल के दिनों में कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं और सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आईं।
छह दिन में तीन बार बदले नियम
रसोई गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए पिछले कुछ दिनों में बुकिंग के नियमों में लगातार बदलाव किए गए हैं।
- 6 मार्च: घरेलू एलपीजी बुकिंग के लिए पहली बार 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया गया।
- 9 मार्च: शहरों में बढ़ती मांग को देखते हुए यह अवधि बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई।
- 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतराल 20 दिन बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया।
अफवाहों के कारण बढ़ी जल्दबाजी में बुकिंग
आम तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में एक परिवार सालभर में लगभग पांच सिलेंडर ही उपयोग करता है, इसलिए जल्दी दोबारा बुकिंग की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन हाल के दिनों में आपूर्ति को लेकर फैली अफवाहों के कारण लोगों ने जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक कर स्टॉक करना शुरू कर दिया।
मंत्रालय के अनुसार पहले जहां औसतन लोग करीब 55 दिनों के अंतराल पर सिलेंडर बुक करते थे, वहीं अचानक 15-15 दिनों के भीतर ही बुकिंग होने लगी। इससे वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ने लगा।
सरकार का मानना है कि बुकिंग के बीच समय बढ़ाने से अनावश्यक मांग कम होगी और वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा सकेगी।