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हर ग्राहक के लिए अलग होता है ब्याज, जानिए कैसे तय करता है बैंक
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सही जानकारी से हजारों रुपए बचा सकते हैं उधारकर्ता
बैंक से लोन लेते समय सिर्फ ब्याज दर ही नहीं, बल्कि ‘स्प्रेड रेट’ भी आपकी जेब पर बड़ा असर डालता है। यही कारण है कि एक ही बैंक अलग-अलग ग्राहकों को अलग ब्याज दर पर लोन देता है। सही समझ और थोड़ी सावधानी से आप कम ब्याज पर लोन हासिल कर सकते हैं।
नई दिल्ली (ए)। अचानक आर्थिक जरूरत पड़ने पर अधिकांश लोग बैंक से लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन लोन लेते समय अक्सर ग्राहक सिर्फ ब्याज दर पर ध्यान देते हैं, जबकि असली खेल ‘स्प्रेड रेट’ का होता है, जो आपकी कुल EMI और भुगतान को सीधे प्रभावित करता है। दरअसल, बैंक हर ग्राहक के लिए एक समान ब्याज दर तय नहीं करते। लोन की अंतिम दर कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें ग्राहक का क्रेडिट प्रोफाइल, आय, लोन का प्रकार और बैंक का आंतरिक जोखिम मूल्यांकन शामिल होता है।
क्या होता है स्प्रेड रेट?
स्प्रेड रेट वह अतिरिक्त प्रतिशत होता है, जिसे बैंक अपने बेस रेट या रेपो लिंक्ड रेट के ऊपर जोड़ता है। इसी जोड़ के बाद लोन की फाइनल ब्याज दर तय होती है। उदाहरण के तौर पर, यदि बैंक का बेस रेट 7% है और ग्राहक से 2% स्प्रेड लिया जाता है, तो उसे कुल 9% ब्याज चुकाना होगा।
एक छोटा अंतर, बड़ा असर
मान लीजिए दो लोगों ने समान राशि का होम लोन लिया— बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहक को कम स्प्रेड मिला
दूसरे ग्राहक को ज्यादा स्प्रेड देना पड़ा
नतीजा यह हुआ कि दूसरे व्यक्ति को हर महीने ज्यादा EMI देनी पड़ी और पूरे लोन अवधि में लाखों रुपए अतिरिक्त चुकाने पड़े।
यानी, छोटा सा प्रतिशत अंतर लंबे समय में बड़ा आर्थिक बोझ बन सकता है।
कैसे तय करता है बैंक ब्याज दर?
बैंक लोन की ब्याज दर तय करते समय तीन प्रमुख बातों को जोड़ते हैं—
बेस रेट / रेपो लिंक्ड रेट – जो बैंक की न्यूनतम दर होती है
स्प्रेड रेट – ग्राहक के जोखिम के आधार पर तय अतिरिक्त दर
क्रेडिट प्रोफाइल – सिबिल स्कोर, आय और भुगतान क्षमता
इन तीनों के आधार पर हर ग्राहक के लिए अलग ब्याज दर तय होती है।
कम ब्याज पर लोन कैसे लें?
अगर आप कम ब्याज दर पर लोन लेना चाहते हैं, तो ये बातें ध्यान रखें—
अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखें
अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करें
स्थिर आय और मजबूत प्रोफाइल दिखाएं
कम जोखिम वाले ग्राहक बनें
बैंक से स्प्रेड रेट पर बातचीत जरूर करें
क्यों जरूरी है जानकारी?
लोन लेने से पहले स्प्रेड रेट को समझना बेहद जरूरी है। इससे न सिर्फ सही बैंक का चयन आसान होता है, बल्कि लंबे समय में बड़ी बचत भी की जा सकती है।