स्टडी में 170 से ज्यादा रसायन मिलने का दावा, हार्मोन गड़बड़ी और ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ा जोखिम
फैशन और खूबसूरती का प्रतीक बन चुके हेयर एक्सटेंशन अब स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी बनते नजर आ रहे हैं। हालिया शोध में सामने आया है कि इन प्रोडक्ट्स में मौजूद हानिकारक रसायन शरीर पर गंभीर असर डाल सकते हैं, जिससे कैंसर समेत कई बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
स्टडी में क्या आया सामने?
हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय शोध में हेयर एक्सटेंशन के कई नमूनों की जांच की गई, जिसमें चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।
करीब 40 से ज्यादा सैंपल में 170 प्रकार के रसायन पाए गए
इनमें कई ऐसे तत्व शामिल थे, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है
ये रसायन शरीर के हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं
सिर्फ सिंथेटिक ही नहीं, “नेचुरल” भी सुरक्षित नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, खतरा केवल सिंथेटिक एक्सटेंशन तक सीमित नहीं है।
मानव बालों से बने एक्सटेंशन में भी हानिकारक रसायन पाए गए
कई मामलों में “नेचुरल” एक्सटेंशन में ज्यादा केमिकल मिले
प्रोसेसिंग के दौरान चमक और टिकाऊपन बढ़ाने के लिए केमिकल मिलाए जाते हैं
कैसे पहुंचते हैं शरीर में ये केमिकल?
विशेषज्ञों के अनुसार, हेयर एक्सटेंशन लंबे समय तक त्वचा और सिर के संपर्क में रहते हैं।
त्वचा के जरिए रसायन शरीर में प्रवेश कर सकते हैं, गर्म करने या उबालने पर जहरीली गैसें निकल सकती हैं, सांस के जरिए भी ये तत्व शरीर में पहुंच सकते हैं
कैंसर और अन्य बीमारियों का खतरा
कुछ नमूनों में ऐसे रसायन पाए गए, जिन्हें पहले से ब्रेस्ट कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जोड़ा गया है।
हालांकि हर प्रोडक्ट में इनकी मात्रा अलग-अलग हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कम मात्रा में भी ये नुकसानदेह हो सकते हैं।
नियमों की कमी बढ़ा रही चिंता
सबसे गंभीर पहलू यह है कि हेयर एक्सटेंशन इंडस्ट्री पर अभी तक सख्त निगरानी नहीं है।
“केमिकल-फ्री” या “नॉन-टॉक्सिक” जैसे दावे पूरी तरह भरोसेमंद नहीं, उत्पादों की नियमित जांच की व्यवस्था नहीं, उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी नहीं मिल पात।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का सुझाव है कि हेयर एक्सटेंशन का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। लंबे समय तक लगातार उपयोग से बचें, विश्वसनीय ब्रांड और स्रोत चुनें, किसी भी एलर्जी या समस्या पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें