रायपुर से बिलासपुर तक विशेष पूजा-अर्चना, भंडारों की तैयारी; बजरंग पंचायत मंदिर बना आस्था और न्याय का प्रतीक
हनुमान जयंती के अवसर पर गुरुवार को पूरे छत्तीसगढ़ में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण के साथ जन्मोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।
रायपुर (ए)। हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में भक्ति और उत्साह का माहौल चरम पर है। राजधानी रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर सहित कई शहरों के संकट मोचन हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सुबह से ही मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
शहरों में जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जा रहा है। कई स्थानों पर सुबह से ही भक्तों के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था शुरू हो चुकी है।
बिलासपुर का बजरंग पंचायत मंदिर: आस्था के साथ न्याय की परंपरा
बिलासपुर का ऐतिहासिक श्री बजरंग पंचायत मंदिर आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित इस मंदिर में हनुमानजी को साक्षी मानकर पंचायत लगाई जाती थी। यहां धर्म और जाति से ऊपर उठकर समाज के सभी वर्गों के लोग अपने विवादों का समाधान करते थे। करीब एक सदी से अधिक पुरानी इस परंपरा में दिए गए फैसलों को अंतिम और सर्वमान्य माना जाता था। यह मंदिर सामाजिक एकता और न्याय का अनूठा प्रतीक रहा है, जहां हिंदू-मुस्लिम सहित सभी समुदायों की भागीदारी रहती थी।
रायपुर में विशेष सजावट और पूजा
राजधानी रायपुर के दूधाधारी मंदिर स्थित हनुमानजी को 108 कमल पुष्पों और ‘जय श्रीराम’ लिखे पत्तों की माला अर्पित की गई। मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया है और दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी है।
भिलाई में भक्ति का माहौल
भिलाई के सेक्टर-9 हनुमान मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। पूजा के बाद भजन-कीर्तन का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।