AI तकनीक से लैस आपात सेवा अब सभी 33 जिलों में लागू, वैज्ञानिक जांच को मिलेगी नई रफ्तार
राजधानी रायपुर में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने छत्तीसगढ़ की अत्याधुनिक डायल-112 आपात सेवा और आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य सरकार की इस नई पहल से आपातकालीन सहायता प्रणाली अधिक तेज, तकनीकी रूप से सक्षम और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था और आपराधिक जांच प्रणाली को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने अत्याधुनिक डायल-112 सेवा और फॉरेंसिक मोबाइल वैन के बेड़े को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री Vijay Sharma तथा विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वर्ष 2018 से संचालित डायल-112 सेवा का अब राज्य के सभी 33 जिलों में विस्तार कर दिया गया है। पहले यह सुविधा केवल 16 जिलों तक सीमित थी। नई व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लोकेशन ट्रैकिंग तकनीक जोड़ी गई है, जिससे संकट में फंसे व्यक्ति की सटीक स्थिति का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।
आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए सिविल लाइंस स्थित मुख्य कंट्रोल रूम के साथ नया रायपुर पुलिस मुख्यालय में बैकअप कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया गया है। किसी तकनीकी खराबी या आपदा की स्थिति में यह केंद्र स्वतः सक्रिय होकर सेवाओं को जारी रखेगा।
राज्यव्यापी विस्तार के तहत 400 नए अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन, 33 विशेष निगरानी वाहन और 60 हाईवे पेट्रोलिंग वाहन विभिन्न जिलों के लिए रवाना किए गए। अब नागरिक पारंपरिक कॉल के अलावा ‘112 इंडिया एप’, एसएमएस, ईमेल, वेब रिक्वेस्ट, सोशल मीडिया और एआई आधारित संवाद प्रणाली के माध्यम से भी तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेंगे। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पैनिक बटन और विशेष निगरानी तंत्र को भी सेवा में शामिल किया गया है।
नई आपराधिक न्याय व्यवस्था के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों के लिए आधुनिक फॉरेंसिक मोबाइल प्रयोगशालाएं तैयार की गई हैं। इनमें से 32 फॉरेंसिक मोबाइल वैन को मैदानी कार्य के लिए रवाना किया गया। ये चलित प्रयोगशालाएं घटनास्थल पर ही साक्ष्य एकत्र करने और प्रारंभिक जांच करने में सक्षम होंगी।
फॉरेंसिक वैन में रक्त नमूना परीक्षण किट, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण उपकरण, सीसीटीवी फुटेज रिकवरी सिस्टम, जीपीएस, उच्च क्षमता वाले कंप्यूटर, लैपटॉप और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए गए हैं। रात के समय जांच को प्रभावी बनाने के लिए इनमें नाइट विजन कैमरे और अत्याधुनिक रिकॉर्डिंग उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन आधुनिक संसाधनों के माध्यम से अपराध स्थलों से वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज होगी और न्यायालय में मजबूत प्रमाण प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ में आधुनिक पुलिसिंग, त्वरित आपात सहायता और साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।