हत्या और साजिश का दोषी ठहराया; 1,000 रुपये जुर्माना, न भरने पर 6 माह अतिरिक्त सजा
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
बिलासपुर। लंबे समय से चर्चा में रहे जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के पूर्व निर्णय को पलटते हुए उन्हें हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी माना है।
हाईकोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमित जोगी (अमित ऐश्वर्या जोगी) को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराया गया है। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें छह महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
यह फैसला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दायर अपील पर सुनाया गया। कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए मामले में पुनर्विचार किया और सजा का निर्धारण किया।
वहीं, शिकायतकर्ता सतीश जग्गी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को अदालत ने निरर्थक मानते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इससे पहले 4 अप्रैल 2024 को दिए गए फैसले में अन्य आरोपियों की सजा और दोषसिद्धि की पुष्टि की जा चुकी है, ऐसे में यह याचिका अब प्रभावहीन हो चुकी है।
इस फैसले के साथ ही प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल इस हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूरा हो गया है।