खाड़ी संकट से घरेलू LPG सप्लाई प्रभावित, खपत 13% घटी
पेट्रोल-डीजल की मांग में 8% तक उछाल
Lenskart ने ड्रेस कोड विवाद पर झुकाया सिर
नई गाइडलाइन में बिंदी, तिलक, हिजाब सहित धार्मिक प्रतीकों को मिली अनुमति
अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब देश की ऊर्जा खपत पर भी दिखने लगा है। मार्च महीने में घरेलू LPG की खपत में जहां उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर Lenskart को ड्रेस कोड विवाद पर सोशल मीडिया के दबाव के बाद अपनी नीति में बदलाव करते हुए माफी मांगनी पड़ी है।
नई दिल्ली (ए)। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव का असर देश के ऊर्जा क्षेत्र पर साफ नजर आने लगा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के चलते खाड़ी क्षेत्र से गैस आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका सीधा असर भारत में घरेलू रसोई गैस (LPG) की खपत पर पड़ा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में LPG खपत में करीब 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग के प्रभावित होने से आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। इसके उलट, पेट्रोल और डीजल की मांग में लगभग 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई, जो परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि का संकेत है।
इधर, आईवियर रिटेल सेक्टर में Lenskart को ड्रेस कोड को लेकर उठे विवाद के बाद पीछे हटना पड़ा है। सोशल मीडिया पर आलोचना तेज होने के बाद कंपनी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी नीति में संशोधन किया है।
कंपनी ने नई ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइडलाइन’ जारी करते हुए कर्मचारियों को कार्यस्थल पर धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को धारण करने की अनुमति दे दी है। इसमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीकों को शामिल किया गया है।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और ग्राहकों व समुदाय की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस फैसले के बाद विवाद फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है।