27 अप्रैल तक प्रदेशभर में प्रदर्शन, रैली से लेकर पुतला दहन तक BJP का आक्रोश अभियान
महिला आरक्षण बिल को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी तापमान बढ़ गया है। राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव और प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की रणनीति भी बनाई गई है।
रायपुर। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार इस महीने एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की तैयारी में है, जिसमें विपक्ष के रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की योजना है।
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में आयोजित जनआक्रोश रैली में यह घोषणा करते हुए विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। यह रैली भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा निकाली गई थी, जो बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक पहुंची।
सरकार की प्रक्रिया के अनुसार, विशेष सत्र बुलाने के लिए पहले मंत्रिमंडल की मंजूरी ली जाएगी, जिसके बाद प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा जाएगा। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद ही सत्र आयोजित किया जाएगा।

इधर, महिला आरक्षण को लेकर भाजपा ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाई है। 23 और 24 अप्रैल को जनआक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जबकि 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने विपक्ष पर ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण लागू नहीं हो पाने से देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है।
इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश को संबोधित करते हुए महिलाओं से माफी मांगी और विपक्षी दलों पर निशाना साधा।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।
इस विधेयक में लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था। केंद्र सरकार ने इसे पारित कराने के लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया था, लेकिन पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने के कारण प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अब प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सियासी बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।