जगदलपुर में नवाचार, उद्यमिता और स्वावलंबन पर मंथन, राज्यपाल- मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज हुए शामिल
जगदलपुर में आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” ने बस्तर को नवाचार, स्वावलंबन और युवा उद्यमिता के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय और स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश और देशभर से आए विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों तथा युवाओं ने सहभागिता की।
जगदलपुर। बस्तर की धरती पर नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” का भव्य समापन हुआ। शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर एवं स्वावलंबी भारत अभियान छत्तीसगढ़ प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं, उद्यमियों और शिक्षाविदों को एक साझा मंच प्रदान किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी तथा उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। इसके अलावा बस्तर सांसद, विधायकगण और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

देशभर से आए उद्यमिता विशेषज्ञों और सात विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में बस्तर संभाग के सातों जिलों से कुल 1743 युवाओं और उद्यमियों ने भागीदारी की। विशेष रूप से 200 पुनर्वासित युवाओं की सहभागिता को आयोजन की बड़ी उपलब्धि माना गया।

इस महाकुंभ के माध्यम से युवाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया गया। आयोजन में विभिन्न नवाचार मॉडल, उद्यमिता योजनाएं और कौशल विकास से जुड़े विषयों पर कार्यशालाएं एवं संवाद सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम कुलगुरु श्री मनोज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजकों ने कहा कि यह महाकुंभ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर को आत्मनिर्भर और नवाचार आधारित विकास मॉडल की ओर ले जाने की शुरुआत है। आयोजन ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास और सकारात्मक सोच से बस्तर जैसे क्षेत्र भी देश के विकास मानचित्र पर नई पहचान बना सकते हैं।