लगातार दूसरे दिन देशवासियों से संयम बरतने का आग्रह, स्कूलों को ऑनलाइन और कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह
जामनगर (ए)। नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन देशवासियों से संसाधनों के सीमित उपयोग और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग करने की अपील की। गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में देश को ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की जरूरत है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और अनावश्यक खर्चों से बचने का आग्रह किया।
वडोदरा में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां तक संभव हो लोग मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करें। उन्होंने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने तथा निजी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की सलाह दी, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
सोने और खाद्य तेल के आयात पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सोने के आयात पर देश की बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। ऐसे में जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, लोगों को सोने की खरीद टालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय जरूरत के अनुसार खर्च करने का है, न कि विलासिता पर धन खर्च करने का।
उन्होंने खाद्य तेल की खपत कम करने की भी अपील करते हुए कहा कि खाने के तेल के आयात पर भी देश को भारी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। यदि लोग तेल का सीमित उपयोग करें, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी और स्वास्थ्य लाभ भी होगा।
कोरोना संकट की तरह एकजुट होकर हालात से निपटने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह देश ने कोरोना महामारी के दौरान एकजुट होकर संकट का सामना किया था, उसी प्रकार वर्तमान चुनौती से भी भारत मजबूती के साथ बाहर निकलेगा। उन्होंने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से भारत पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि वे कम से कम पांच विदेशी मेहमानों को भारत घुमाने लेकर आएं।
पोकरण परमाणु परीक्षण को बताया आत्मविश्वास का प्रतीक
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने 11 मई 1998 को हुए पोकरण परमाणु परीक्षण को याद करते हुए कहा कि उस समय दुनिया की बड़ी ताकतों ने भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन देश पीछे नहीं हटा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने इस मिशन को “ऑपरेशन शक्ति” नाम दिया था, जो देश की सामरिक शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक बना। उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती।
सोमनाथ से जुड़ी विरासत और राष्ट्र स्वाभिमान का संदेश
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और पुनर्निर्माण की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार मंदिर को तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन हर बार उसका पुनर्निर्माण हुआ। यह भारत की अटूट आस्था और आत्मबल का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि भारत की विरासत और आधुनिकता एक-दूसरे के पूरक हैं और देश अपनी जड़ों से जुड़कर ही मजबूत बन सकता है।
1998 में हुआ था दूसरा परमाणु परीक्षण
11 मई 1998 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने पोखरण में दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। यह मिशन अत्यंत गोपनीय तरीके से पूरा किया गया था, जिसकी जानकारी दुनिया की बड़ी खुफिया एजेंसियों तक को नहीं लग सकी थी।
इन परीक्षणों के बाद अमेरिका, जापान सहित कई पश्चिमी देशों ने भारत पर आर्थिक और तकनीकी प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन भारत ने आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक क्षमता के दम पर आगे बढ़ना जारी रखा।