स्निफर डॉग ने पहुंचाया सुराग तक, गरियाबंद में पार्टी के बाद बंटे थे दोनों आरोपी; 10 लाख के जेवर बरामद
राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित एक ज्वेलरी शॉप में हुई 90 लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले में मुख्य आरोपी ने गिरफ्तारी के डर से कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से 12 घंटे के भीतर आरोपी के नाबालिग साथी को पकड़ लिया है। मामले में अब तक करीब 10 लाख रुपये के जेवर बरामद किए गए हैं।
रायपुर। राजधानी के शंकर नगर स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में बड़ा मोड़ सामने आया है। करीब 90 लाख रुपये के सोने के जेवरों की चोरी के मुख्य आरोपी ने पुलिस कार्रवाई के डर से कथित तौर पर फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि उसके नाबालिग साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से करीब 10 लाख रुपये के जेवर बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी गांधी नगर और काली नगर इलाके के रहने वाले थे और लंबे समय से चोरी की वारदातों में सक्रिय थे। घटना के बाद दोनों ने गरियाबंद जिले के पांडुका इलाके में पार्टी भी की थी। साथी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद मुख्य आरोपी के घबरा जाने और आत्महत्या करने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात दो नकाबपोश युवक बाइक से शंकर नगर पहुंचे और लक्ष्य ज्वेलर्स की दुकान का ताला कटर से काटकर भीतर घुस गए। करीब आधे घंटे तक दुकान के अंदर रहने के दौरान आरोपियों ने केवल सोने के जेवर समेटे, जबकि चांदी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी को हाथ तक नहीं लगाया।
रविवार को दुकान बंद होने के कारण चोरी का खुलासा नहीं हो सका। सोमवार सुबह दुकान खुलने पर संचालक वंश मरपानी को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी आराम से बैग में जेवर भरते नजर आए।
जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड ने भी अहम भूमिका निभाई। स्निफर डॉग दुकान से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांधी नगर-काली नगर रोड तक पहुंचा और वहीं रुक गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया।
पुलिस ने अभनपुर, चंद्रखुरी और शंकर नगर सहित कई इलाकों के 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुराने अपराधियों की जानकारी और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर देर रात कालीनगर इलाके से एक नाबालिग आरोपी को हिरासत में लिया गया। उसके पास से करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बरामद हुए हैं।
वहीं, मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस जब उसके घर पहुंची तो मकान बाहर से बंद मिला। जांच के दौरान युवक घर के भीतर फंदे पर लटका मिला। बताया जा रहा है कि आरोपी अपने माता-पिता के निधन के बाद बहनों के साथ रह रहा था। हालांकि परिजनों ने उसे निर्दोष बताते हुए पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात से पहले दो दिनों तक ज्वेलरी शॉप की रेकी की थी। दोनों ने कालीमाता वार्ड में किराए का मकान लेकर इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से ओडिशा के रहने वाले हैं और पहले भी चोरी की कई कोशिशों में शामिल रहे हैं।