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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म का जिक्र
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में कई सवाल उठने लगे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों में खून के थक्के जमने और कार्डिएक अरेस्ट को मौत की वजह बताया गया है, जबकि शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद विपक्षी नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का बुधवार सुबह निधन हो गया। अचानक हुई इस घटना से यादव परिवार और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई। परिवार के करीबी उन्हें सुबह गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रतीक यादव की धड़कन और पल्स बंद हो चुकी थी। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम लखनऊ मेडिकल कॉलेज में कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट को मौत का प्रमुख कारण बताया गया है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के जमा थे, जिससे हार्ट और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया।

पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर चोट के कुछ पुराने निशान भी पाए गए हैं। हालांकि डॉक्टरों ने इन्हें पुरानी चोट बताया है, लेकिन इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हाईकोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है।
डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए विसरा और खून के नमूनों को सुरक्षित रखा है। मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म ऐसी गंभीर स्थिति होती है, जिसमें खून के थक्के फेफड़ों की नसों को अवरुद्ध कर देते हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन और रक्त प्रवाह प्रभावित होता है।
प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक जगत के कई बड़े नेता उनके आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिंपल यादव, शिवपाल यादव और मंत्री सुरेश खन्ना समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। अखिलेश यादव भी पोस्टमार्टम हाउस और बाद में आवास पहुंचे, जहां वे बेहद भावुक दिखाई दिए।