CSPDCL दफ्तर में अधिकारियों संग बैठक, कांग्रेस बोली- जनता परेशान, जल्द सुधार नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
रायपुर। रायपुर में बढ़ती बिजली कटौती को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन के नेतृत्व में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं ने CSPDCL कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक की और शहर में बिगड़ती बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
बैठक में कांग्रेस नेताओं ने शहर के विभिन्न इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और अव्यवस्थित सप्लाई का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। नेताओं ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली बंद होने से आम नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लोगों को रातभर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस भाजपा सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि जनता की परेशानी को लेकर कांग्रेस सड़क से लेकर विभागीय कार्यालय तक संघर्ष करेगी।
बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों से बिजली सप्लाई को नियमित करने, लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने और खराब ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने की मांग भी रखी।
इससे पहले पूर्व विधायक विकास उपाध्याय के नेतृत्व में डगनिया बिजली कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की थी।
धरने को संबोधित करते हुए विकास उपाध्याय ने कहा था कि लगातार बिजली कटौती से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। गर्मी के मौसम में घंटों बिजली बंद रहने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यदि विभाग ने स्थिति में सुधार नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बैठक में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा और शिव सिंह ठाकुर सहित शहर कांग्रेस के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।