तकनीकी गड़बड़ी से परेशान छात्रों को बोर्ड ने दिया भरोसा, दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मांगी रिपोर्ट, सर्वर और पेमेंट सिस्टम की जांच शुरू
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं के उन छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिनसे स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के आवेदन के दौरान अतिरिक्त शुल्क कट गया था। बोर्ड ने साफ किया है कि तकनीकी खामी के कारण कटे अतिरिक्त पैसे संबंधित छात्रों के खातों में वापस भेजे जाएंगे। साथ ही प्रभावित विद्यार्थियों को बिना दोबारा आवेदन किए उनकी स्कैन कॉपियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों और अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने घोषणा की है कि स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के लिए आवेदन करते समय तकनीकी गड़बड़ी के कारण जिन छात्रों के खातों से अतिरिक्त शुल्क कट गया था, उन्हें पूरी राशि रिफंड की जाएगी। यह रकम उसी बैंक खाते या कार्ड में लौटाई जाएगी, जिससे भुगतान किया गया था।
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों से निर्धारित शुल्क से कम राशि जमा हुई है, उन्हें शेष भुगतान के लिए अलग से सूचना दी जाएगी। बोर्ड ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि प्रभावित विद्यार्थियों को उनकी स्कैन कॉपियां हर हाल में उपलब्ध कराई जाएंगी और इसके लिए दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
बोर्ड ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 21 और 22 मई 2026 को आवेदन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। कई छात्रों ने शिकायत की थी कि वेबसाइट ठीक से काम नहीं कर रही थी और भुगतान होने के बावजूद आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। कुछ मामलों में छात्रों के खातों से तय शुल्क से अधिक राशि भी कट गई थी।
लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सीबीएसई ने आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 24 मई तक कर दिया था ताकि किसी भी छात्र को नुकसान न हो। इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने सर्वर डाउन होने और पेमेंट गेटवे में आई तकनीकी खराबी के कारणों की जानकारी मांगी है।
सूत्रों के मुताबिक शिक्षा मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियों से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं। बोर्ड अब प्रभावित छात्रों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।