उत्तर प्रदेश में तूफान से 31 और बिहार में 17 लोगों की जान गई; सहारनपुर में 10 वाहन बहे, पटना में उड़ान सेवाएं प्रभावित
देशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने के साथ मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी, तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में पिछले 24 घंटों के दौरान 48 लोगों की मौत हो गई। कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक 15 से अधिक राज्यों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना (ए)। देश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है। तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने उत्तर भारत के कई राज्यों में व्यापक असर डाला है। उत्तर प्रदेश और बिहार में बीते 24 घंटों के दौरान खराब मौसम के कारण कुल 48 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई स्थानों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश से सबसे अधिक नुकसान हुआ है। राज्य के विभिन्न जिलों में मौसम जनित घटनाओं में 31 लोगों की जान चली गई। सहारनपुर में भारी बारिश के बाद पहाड़ी क्षेत्रों से आए तेज बहाव ने कई वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। इनोवा, ट्रैक्टर समेत करीब 10 वाहन पानी के तेज प्रवाह में बह गए। मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में भी मौसम का रौद्र रूप देखने को मिला। आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 17 लोगों की मौत हो गई। राजधानी पटना में खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा, जहां चार उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि 18 विमान निर्धारित समय से देरी से संचालित हुए। इससे 500 से अधिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने राज्य के 25 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
राजस्थान में भी मौसम ने राहत और चुनौती दोनों का मिश्रित असर दिखाया। कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर और सीकर सहित कई जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 30 जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की है।
पंजाब में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पठानकोट में सुबह ओलावृष्टि हुई, जबकि मोहाली और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। इससे गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर यातायात और दैनिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले सात दिनों के भीतर केरल तट पर दस्तक दे सकता है। हालांकि विभाग ने इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने की आशंका भी जताई है। अनुमान के अनुसार जून से सितंबर के बीच देश में औसत वर्षा सामान्य से कम रह सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बिहार और उत्तर प्रदेश में सामान्य वर्षा की संभावना बनी हुई है, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों में औसत से कम बारिश दर्ज हो सकती है। विशेष रूप से वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों में कमजोर मानसून का असर खेती-किसानी पर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।