12 जून से इंग्लैंड-वेल्स में शुरू होगा टूर्नामेंट, 24 दिनों में 33 मुकाबले; 14 जून को पाकिस्तान से भिड़ेगा भारत
स्पोर्ट्स डेस्क। महिला क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट टी-20 विश्व कप का 10वां संस्करण 12 जून से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होने जा रहा है। पहली बार 12 टीमों की भागीदारी के साथ आयोजित हो रहा यह टूर्नामेंट अब तक का सबसे बड़ा महिला टी-20 विश्व कप होगा। उद्घाटन मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड का सामना श्रीलंका से होगा, जबकि फाइनल 5 जुलाई को ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेला जाएगा।
24 दिनों तक चलने वाले इस वैश्विक क्रिकेट महोत्सव में कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे। गत विजेता न्यूजीलैंड अपने खिताब का बचाव करेगी, जबकि छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल है।
भारत पर रहेंगी सभी की नजरें
भारतीय महिला टीम अब तक विश्व कप खिताब जीतने में सफल नहीं हो सकी है। हालांकि टीम ने कई मौकों पर दमदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल और फाइनल तक का सफर तय किया है। इस बार भी भारतीय टीम से बड़ी उम्मीदें हैं। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम खिताब के सूखे को समाप्त करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
भारत का अभियान 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबले से शुरू होगा। इसके बाद 21 जून को दक्षिण अफ्रीका और 28 जून को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों से टक्कर होगी।
‘ग्रुप ऑफ डेथ’ में भारत की चुनौती
भारतीय टीम को इस बार सबसे कठिन ग्रुप में रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी दिग्गज टीमों की मौजूदगी के कारण ग्रुप-ए को ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ कहा जा रहा है। ऐसे में सेमीफाइनल की राह आसान नहीं होगी और हर मुकाबला निर्णायक साबित हो सकता है।
पहली बार दिखेंगी 12 टीमें
महिला टी-20 विश्व कप के इतिहास में यह पहला अवसर है जब 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इससे पहले टूर्नामेंट में अधिकतम 10 टीमों ने भाग लिया था। टीमों की संख्या बढ़ने से प्रतियोगिता और अधिक रोमांचक तथा प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है।
नीदरलैंड्स का ऐतिहासिक डेब्यू
इस संस्करण की एक और खास बात नीदरलैंड्स की पहली भागीदारी है। टीम ने ग्लोबल क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन कर विश्व कप में जगह बनाई और अब पहली बार दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ चुनौती पेश करेगी।
विश्व कप में भारत का रिकॉर्ड
भारतीय टीम ने अब तक खेले गए सभी नौ महिला टी-20 विश्व कप में हिस्सा लिया है। 2020 में टीम पहली बार फाइनल तक पहुंची थी, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने कुल 40 मुकाबलों में 22 जीत दर्ज की हैं और उसका जीत प्रतिशत 55 रहा है।
इस बार अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलन से सजी भारतीय टीम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या टीम इंडिया पहली बार विश्व विजेता बनने का सपना पूरा कर पाएगी।