सूने मकानों की रेकी कर देते थे वारदात को अंजाम; मेरठ और दिल्ली से जुड़े आरोपियों तक पहुंची पुलिस, चोरी का माल खरीदने वालों पर भी कार्रवाई
भिलाई के नेहरू नगर पश्चिम स्थित एक सूने मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण, नगदी, वाहन और वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए गए हैं।
भिलाई। नेहरू नगर पश्चिम स्थित एक बंद मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए दुर्ग पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की बड़ी मात्रा में संपत्ति बरामद की है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार नेहरू नगर पश्चिम निवासी विनय कुमार अग्रवाल ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह 4 मई 2026 को अपने परिवार के साथ धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने घर में ताला लगाकर बाहर गए थे। अगले दिन लौटने पर मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला और घर की अलमारियों के लॉक भी क्षतिग्रस्त पाए गए। अज्ञात चोर घर से सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों के साथ लगभग 3.40 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और फिर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी हारिम और मोहम्मद नासिर हुसैन ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए आभूषणों को मेरठ के एक ज्वेलर्स को बेच दिया गया था और प्राप्त रकम का आपस में बंटवारा कर लिया गया था।
पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों में दबिश देकर आरोपी हारिम, मोहम्मद नासिर हुसैन, मोहम्मद कासिम, सलीम, मोहम्मद बिलाल और दिन मोहम्मद को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी के सोने-हीरे और चांदी के आभूषण, नगदी रकम, मोबाइल फोन, जुपिटर एवं सेल्टोस वाहन, ताला तोड़ने के औजार तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रकरण में अन्य प्रासंगिक धाराएं भी जोड़ी हैं। चोरी का माल खरीदने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की गई और उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से लंबे समय से सूने मकानों को निशाना बना रहा था। आरोपियों की गतिविधियों और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना सुपेला के निरीक्षक विजय कुमार यादव, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक योगेश पाण्डेय सहित विशेष टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे लंबे समय के लिए घर से बाहर जा रहे हों तो पड़ोसियों या विश्वसनीय व्यक्तियों को इसकी जानकारी दें, सुरक्षा उपकरणों और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।