100 से अधिक संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों की कमी सामने आई, नोटिस जारी; नियमों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई संभव
कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए गए निरीक्षण में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। संयुक्त जांच टीम को अधिकांश संस्थानों में फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था में कमी मिली, जिसके बाद संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
दुर्ग। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में संचालित निजी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार रात विभिन्न कोचिंग केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें बड़ी संख्या में संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अधूरा पाया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि कई कोचिंग संस्थान सीमित स्थान और बहुमंजिला भवनों में संचालित किए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं है। कई स्थानों पर इमरजेंसी एग्जिट की सुविधा नहीं मिली, जबकि कुछ संस्थानों में फायर सेफ्टी उपकरण या तो अनुपलब्ध पाए गए या उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं थी।
अधिकारियों के अनुसार, न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान संचालित हैं। निरीक्षण के दौरान कई भवनों में संकरी सीढ़ियां और सीमित निकासी मार्ग पाए गए, जो किसी भी आपात स्थिति में जोखिम बढ़ा सकते हैं। कुछ भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग होने से सुरक्षा संबंधी चिंता और बढ़ गई है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार दुर्ग जिले में लगभग 150 से 200 निजी कोचिंग संस्थान संचालित होने का अनुमान है, जिनमें सबसे अधिक संख्या भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में है। टीम ने लगभग दो घंटे तक विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कई कोचिंग संचालकों को मौके पर नोटिस जारी कर सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ऐसे संस्थानों की सूची भी तैयार कर रहा है, जहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी अधिक पाई गई है।