कई जिलों में बारिश बढ़ने के संकेत, राजनांदगांव समेत अनेक क्षेत्रों में अब भी सामान्य से काफी कम वर्षा
छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे पूरे प्रदेश पर अपना असर मजबूत करता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत दिए हैं। अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून प्रदेश के शेष क्षेत्रों तक पहुंच सकता है, जिससे कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
रायपुर। प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने के साथ कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्तमान में प्रदेश के लगभग 80 प्रतिशत हिस्से को कवर कर चुका है और आगामी तीन से चार दिनों में इसके पूरे छत्तीसगढ़ में सक्रिय होने की संभावना है।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में भी मौसम ने अचानक करवट ली और शहर के विभिन्न हिस्सों में बारिश हुई। फुंडहर चौक क्षेत्र में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि आसपास स्थित वीआईपी चौक में बारिश का असर बेहद कम देखने को मिला। वर्षा आंकड़ों की बात करें तो मुंगेली जिले में सबसे अधिक 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दरभा में 40 मिलीमीटर, गुंडरदेही, अर्जुंदा और कोंटा में 30-30 मिलीमीटर वर्षा हुई। वहीं रायगढ़, अकलतरा, प्रेमनगर, मनोरा, करपावंड, पथलगांव, अहिवारा, गुरूर, दुर्ग और दोरनापाल सहित कई इलाकों में 20 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश के अन्य क्षेत्रों जैसे अंबागढ़ चौकी, जगदलपुर, बलरामपुर, धरसींवा, गरियाबंद, बस्तर और भानुप्रतापपुर के कुछ हिस्सों में लगभग 10 मिलीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई। तापमान की बात करें तो शनिवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
हालांकि मानसून की सक्रियता बढ़ने के बावजूद कई जिलों में अब भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है। बस्तर संभाग में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति होने के बावजूद यहां सामान्य से 54 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि राजनांदगांव समेत कई जिलों में अब तक लगभग 80 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।