एसडीआरएफ की जांच में मिलीं कई खामियां, एंट्री-एग्जिट व्यवस्था और फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन सख्त
दुर्ग-भिलाई। लखनऊ के कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दुर्ग जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। भिलाई के सेक्टर-10 क्षेत्र में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर 20 संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने सभी संस्थानों को 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई हैl

लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद दुर्ग जिले में सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा शुरू कर दी गई है। सोमवार को भिलाई के सेक्टर-10 स्थित विभिन्न कोचिंग संस्थानों का एसडीआरएफ टीम ने निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन से जुड़ी कमियां सामने आईं।

निरीक्षण के बाद 20 कोचिंग सेंटर संचालकों को नोटिस जारी कर सुरक्षा इंतजाम सुधारने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी और लापरवाही बरतने वाले संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में भी प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले कुछ संस्थानों को बंद करने की कार्रवाई की गई थी। अब जांच का दायरा सेक्टर-10 के बाद अन्य क्षेत्रों तक बढ़ाया जा रहा है।
जांच टीम ने सबसे पहले कोचिंग सेंटरों में छात्रों के प्रवेश और निकासी की व्यवस्था देखी। अधिकारियों के अनुसार आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग होना जरूरी है, लेकिन कई संस्थानों में यह व्यवस्था नहीं मिली।
इसके अलावा फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्य स्थिति की भी जांच की गई। टीम ने फायर एक्सटिंग्विशर, होज रील, हाइड्रेंट सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, पानी की व्यवस्था और भवन में वेंटिलेशन जैसी सुविधाओं का निरीक्षण किया।
उपकरणों के साथ प्रशिक्षण भी जरूरी
अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को निर्देश दिए कि केवल सुरक्षा उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है। स्टाफ और छात्रों को भी आपात स्थिति में इन उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
जिला नगर सेनानी एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले के सभी कोचिंग सेंटरों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है। जिन संस्थानों में कमियां मिली हैं, उन्हें सुधार के लिए 8 दिन का समय दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं होती, तब तक ऐसे संस्थानों में ऑफलाइन कक्षाएं संचालित नहीं की जानी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखी जा सकती है।
दोबारा जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन ने बताया कि 8 दिन बाद सभी नोटिस प्राप्त संस्थानों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि उस समय भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिला तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आने वाले दिनों में भिलाई के सेक्टर-5, सेक्टर-6 और सेक्टर-7 स्थित कोचिंग सेंटरों की भी जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बंद मिले संस्थानों को दोबारा खुलने पर नोटिस दिया जाएगा और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।