सीईओ और उनके भाई की तलाश में नागपुर पुलिस की कार्रवाई, घर और कॉर्पोरेट कार्यालय में छापेमारी; दोनों अब भी पकड़ से बाहर
नागपुर फैक्ट्री विस्फोट मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई अब तेज होती नजर आ रही है। विस्फोटक निर्माण कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड से जुड़े मामले में नागपुर पुलिस की विशेष टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए रायपुर पहुंची, जहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से कई ठिकानों पर दबिश दी गई। हालांकि कार्रवाई के दौरान कंपनी के शीर्ष अधिकारी पुलिस के हाथ नहीं लग सके।
रायपुर। नागपुर फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में विस्फोटक निर्माता SBL Energy Limited के खिलाफ जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मामले में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक संपत सिंह चौधरी और उनके भाई संजय संपत सिंह चौधरी की गिरफ्तारी के लिए नागपुर पुलिस की विशेष टीम सोमवार को रायपुर पहुंची।
स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों के आवास और कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय में दबिश दी गई, लेकिन दोनों आरोपी मौके पर नहीं मिले। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों के खिलाफ पहले से मामला दर्ज है और न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
गौरतलब है कि 1 मार्च 2026 को नागपुर स्थित कंपनी के गोला-बारूद और डेटोनेटर निर्माण संयंत्र में भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में 23 कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा और संचालन संबंधी पहलुओं को लेकर कई प्रश्न सामने आए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, साक्ष्य छिपाने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। बाद में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायालय ने दोनों भाइयों के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया। उनके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी प्रभावी बताया जा रहा है।
इस बीच हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कंपनी चर्चा में रही है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा कथित विस्फोटक आपूर्ति संबंधी आरोपों के बाद मामले ने नया मोड़ लिया है। माना जा रहा है कि इसके बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई और तेज कर दी है।
रायपुर के सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि नागपुर पुलिस की टीम वारंट तामील कराने रायपुर पहुंची थी। स्थानीय पुलिस की सहायता से संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की गई, लेकिन आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। उनकी तलाश जारी है।