भिलाई में 4 किलो गांजा जब्ती का पुलिस का दावा, परिजन बोले- घर से उठाकर थाने में रखा; सोशल मीडिया पर नशे के खिलाफ चलाता था मुहिम
भिलाई में सोशल मीडिया के जरिए नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार आवाज उठाने वाले ब्लॉगर हरिशंकर यादव उर्फ जुगनु यादव की गिरफ्तारी अब सवालों के घेरे में आ गई है। पुलिस ने उसे 4 किलो से अधिक गांजा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजने का दावा किया है, वहीं परिजनों ने कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि उसे बीच रास्ते से उठाकर थाने में रखा गया है।
दुर्ग-भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक ऐसे सोशल मीडिया ब्लॉगर की गिरफ्तारी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है, जो पिछले कई महीनों से इलाके में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान चला रहा था। हरिशंकर यादव उर्फ जुगनु यादव पर पुलिस ने गांजा तस्करी का मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन दूसरी ओर परिवार ने इस कार्रवाई को संदेहास्पद बताते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
हरिशंकर यादव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार वीडियो बनाकर क्षेत्र में फैल रहे नशे के कारोबार को उजागर करता था। वह अपने वीडियो में स्कूल परिसरों, गार्डन, खेल मैदान और सुनसान स्थानों पर पड़े इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन, सिरिंज, नशीली दवाओं की खाली शीशियां और अन्य सामान दिखाकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग करता रहा है।
वीडियो के माध्यम से वह जिला प्रशासन और पुलिस से नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील करता था। एक वीडियो में उसने खुर्सीपार थाना प्रभारी से सीधे कहा था कि इलाके में बढ़ती नशे की गतिविधियों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
एक महीने पहले चर्चा में आया था वीडियो
करीब एक महीने पहले जुगनु यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो में वह अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नशे से जुड़े सामान को दिखाते और सफाई करते नजर आया था। उसने दावा किया था कि कुछ इलाकों में खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है और युवाओं को इसकी चपेट में लिया जा रहा है। उसने स्कूलों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की मांग भी की थी। साथ ही केनाल रोड क्षेत्र में पड़े बड़ी संख्या में इंजेक्शन और नशीली सामग्री दिखाते हुए कार्रवाई की अपील की थी।
पुलिस का दावा- गांजा बेचने की तैयारी में था आरोपी
पुलिस के अनुसार मंगलवार को ट्रांसपोर्ट नगर रोड स्थित बिहारी मोहल्ला के सामने घेराबंदी कर हरिशंकर यादव को पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी गांजा बेचने की तैयारी में था और पुलिस को देखकर भागने का प्रयास कर रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से 4 किलो 198 ग्राम गांजा, 300 रुपए नकद और एक एक्टिवा वाहन जब्त किया गया। पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई है।
परिजनों ने उठाए सवाल
दूसरी ओर हरिशंकर यादव के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनकी मां गोमती यादव ने दावा किया कि उनका बेटा गैस एजेंसी से सिलेंडर रिफिल कराने निकला था, तभी पुलिस उसे रास्ते से पकड़कर ले गई। परिवार का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजने के बजाय थाने में रखा गया है। जबकि पुलिस प्रेस नोट में दावा कर रही है कि आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
खुर्सीपार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) और 27ए के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध रूप से गांजा बेचकर आर्थिक लाभ कमा रहा था। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस और परिवार के दावों में विरोधाभास सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।