साय सरकार ने दी केंद्रीय जांच की मंजूरी, फॉर्च्यूनर में जिंदा जलाए गए थे दो लोग; अब तक 12 आरोपी गिरफ्तार
कोरिया जिले में रेत तस्करी विवाद से जुड़े बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। भाजपा नेता समेत तीन लोगों की निर्मम हत्या के बाद मामले ने प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा मुद्दा खड़ा कर दिया था। पीड़ित परिवार की मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला लिया है।
रायपुर/कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत तस्करी विवाद के चलते हुई तीन लोगों की सनसनीखेज हत्या के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने इस बहुचर्चित मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मंजूरी दे दी है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, 16 जून की रात नौगई गांव में रेत तस्करी को लेकर विवाद हिंसक रूप ले बैठा था। आरोप है कि हमलावरों ने भाजपा नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार पर जानलेवा हमला किया। घटना के दौरान एक फॉर्च्यूनर वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिसमें एक ही परिवार के पांच सदस्य सवार थे।
इस दर्दनाक घटना में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनकी बाद में मौत हो गई। वहीं हमलावरों ने लल्ला सिंह के भाई पर भी घातक हमला किया और फरसे से गला काटकर उसकी हत्या कर दी।
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामले को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और पीड़ित परिवार की मांग के बाद अब सीबीआई जांच से पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल होने की उम्मीद जताई जा रही है। जांच एजेंसी अब हत्या के कारणों, हमले की साजिश और पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच करेगी।