एक श्रमिक का पैर शरीर से अलग होकर 10 फीट दूर जा गिरा, दो मृतक मध्यप्रदेश और एक जांजगीर-चांपा का निवासी; पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ ने चलाया रेस्क्यू अभियान
रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट ने तीन श्रमिकों की जान ले ली। धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक श्रमिक का पैर कटकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
रायपुर। राजधानी के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में मंगलवार शाम हुए भीषण विस्फोट में तीन श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि एक श्रमिक का पैर शरीर से अलग होकर करीब 10 फीट दूर जा गिरा। विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर धुएं से भर गया और वहां काम कर रहे श्रमिकों में भगदड़ मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और फैक्ट्री प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान तत्काल शुरू किया गया। गंभीर रूप से घायल कमल सिंह ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया, जबकि लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, मृतकों में 25 वर्षीय कमल सिंह और लाल सिंह मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले के निवासी थे, जबकि 19 वर्षीय अरुण पांडे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में पिग आयरन से ऑटोमोबाइल पार्ट्स तैयार किए जाते हैं। विस्फोट किस वजह से हुआ, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों की टीम तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के बाद पूरे परिसर में धुआं फैल गया और कर्मचारी जान बचाकर बाहर भागने लगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी, एडीसीपी (नॉर्थ) और एसीपी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीमों ने परिसर की तलाशी लेकर राहत एवं बचाव कार्य पूरा किया।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं तथा विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।