1 जून से अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर में यलो अलर्ट; कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी।
छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार जुलाई के दूसरे सप्ताह में धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदेश में अब तक सामान्य से 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है। रविवार को चार जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगुजा संभाग में कई स्थानों पर अपेक्षाकृत अच्छी वर्षा हुई। बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला, लेकिन प्रदेशभर में मानसून अब भी सामान्य गति नहीं पकड़ पाया है।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। विभाग का कहना है कि 13 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने के संकेत हैं, जिससे कई इलाकों में अच्छी वर्षा हो सकती है।
आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 11 जुलाई के बीच प्रदेश में 252.4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य तौर पर 320.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। इस तरह राज्य में अब तक 21 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि मानसून सक्रिय होता है तो बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। फिलहाल किसानों समेत आम लोगों की निगाहें अगले सप्ताह होने वाली संभावित बारिश पर टिकी हैं, जिससे खेती-किसानी और जलाशयों में जलभराव की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।