मंत्री-विधायक पिंक ईवी ऑटो से पहुंचे विधानसभा, लता उसेंडी ने बीएड-डीएड कॉलेजों का मुद्दा उठाया; कांग्रेस आज अविश्वास और नकटी प्रकरण पर सरकार को घेरेगी
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत राजनीतिक और जनहित के मुद्दों के बीच हुई। पहले दिन दिवंगत पंडवानी गायिका तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं प्रश्नकाल में शिक्षा, राजस्व और वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया। सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सदन में तीखी बहस के आसार हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन श्रद्धांजलि, जनहित के मुद्दों और राजनीतिक रणनीतियों के बीच शुरू हुआ। सत्र आरंभ होने से पहले मंत्री खुशवंत साहेब और दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पिंक ईवी ऑटो से विधानसभा पहुंचे, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत हाल ही में दिवंगत हुईं पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तीजन बाई ने पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर बताया। श्रद्धांजलि के बाद सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड और डीएड पाठ्यक्रम शुरू नहीं होने तथा रिक्त पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार से सवाल किए। जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि नई शिक्षा नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बीएड-डीएड कॉलेजों के संबंध में गठित टास्क फोर्स अपनी रिपोर्ट पर काम कर रही है तथा 13 नए महाविद्यालयों में इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों के अलावा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप से जुड़े प्रश्न भी सदन में उठे। सत्तापक्ष के विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े शिक्षा, राजस्व, खनन, भूमि पट्टा, कोयला भंडारण और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की रणनीति स्पष्ट कर दी है। कांग्रेस विधायक दल ने दूसरे दिन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी भी की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई के दौरान नियमों का पालन नहीं किया और कई परिवारों को बेघर कर दिया।
विपक्ष कानून-व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ अपराध, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, बिजली-पानी, आदिवासी क्षेत्रों के विकास, भूमि विवाद और प्रशासनिक कार्यप्रणाली जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी में है। हालांकि विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन इस बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक नोकझोंक देखने को मिल सकती है।
मानसून सत्र के आगामी दिनों में नकटी प्रकरण, शिक्षा, राजस्व और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सदन में व्यापक चर्चा होने के संकेत हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति और विधानसभा की कार्यवाही दोनों ही केंद्र में रहने वाली हैं।