भिलाई निवासी इंजीनियर का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, पुलिस हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका जता रही; परिवार ने आरोपों को नकारते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की
हरियाणा के गुरुग्राम में एक युवती की हत्या और भिलाई के एआई इंजीनियर की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस शुरुआती जांच में इसे हत्या के बाद आत्महत्या का मामला मान रही है, जबकि मृतक के परिजन इस आशंका को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
दुर्ग/भिलाई-गुरुग्राम। भिलाई निवासी 25 वर्षीय एआई इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक की हरियाणा के गुरुग्राम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और उसी कमरे से उसकी सहकर्मी युवती इशाका का रक्तरंजित शव मिलने से सनसनी फैल गई है। गुरुग्राम पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या के बाद श्रेष्ठ ने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। हालांकि मृतक के परिवार ने इस आशंका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस के अनुसार श्रेष्ठ मलिक भिलाई के जामुल क्षेत्र का निवासी था और गुरुग्राम के सेक्टर-59 स्थित ऑप्टम ग्लोबल सॉल्यूशंस में एआई इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। उसी कंपनी में उत्तर प्रदेश के सीतापुर की रहने वाली इशाका भी नौकरी करती थी। दोनों की पहचान कार्यस्थल पर हुई थी और बताया जा रहा है कि घटना से कुछ दिन पहले ही इशाका सेक्टर-55 स्थित पीजी में श्रेष्ठ के साथ रहने आई थी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब इशाका के परिजनों ने उससे लगातार संपर्क नहीं होने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब बताए गए पते पर पहुंची तो कमरा अंदर से बंद मिला। दरवाजा खोलने पर युवती का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए जाने के संकेत मिले हैं। मौके से फोरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि श्रेष्ठ भी उसी कमरे में रहता था, लेकिन वह लापता था। इसी बीच जानकारी मिली कि एक दिन पहले गुरुग्राम के रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हुई थी। मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान श्रेष्ठ मलिक के रूप में हुई। शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया।
दूसरी ओर, श्रेष्ठ के पिता दीपक मलिक ने बेटे पर लगे हत्या के संदेह को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि परिवार को इशाका के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि घटना से पहले श्रेष्ठ ने अपने भाई को फोन कर बताया था कि एक युवती उसे धमकी देकर गई है, लेकिन उसने उसका नाम या विवाद का कारण नहीं बताया। परिजनों का कहना है कि श्रेष्ठ किसी की हत्या नहीं कर सकता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पुलिस अब दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही दोनों परिवारों और कंपनी के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हत्या के बाद आत्महत्या की आशंका के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।