छठी रात एयरस्ट्राइक में सैन्य ठिकानों के साथ रणनीतिक बंदरगाह पर हमला, भारत के निवेश वाले चाबहार पोर्ट को पहुंचा नुकसान
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ लगातार छठी रात बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इस दौरान भारत के लिए रणनीतिक महत्व रखने वाले चाबहार पोर्ट के कंट्रोल टावर को भी निशाना बनाया गया, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। अमेरिकी सेना ने कई सैन्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का दावा किया है, जबकि ईरान ने हमलों की पुष्टि करते हुए कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन (ए)। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को और तेज करते हुए लगातार छठी रात व्यापक हवाई हमले किए। इस दौरान भारत के निवेश वाले रणनीतिक चाबहार पोर्ट का कंट्रोल (निगरानी) टावर भी हमले की जद में आ गया। ईरानी मीडिया के अनुसार हमले में टावर को नुकसान पहुंचा है, जबकि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी क्षतिग्रस्त कंट्रोल टावर की तस्वीर साझा की है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक लड़ाकू विमानों, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। कार्रवाई में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और नौसैनिक अड्डों को प्रमुख रूप से निशाना बनाया गया।
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने चाबहार पोर्ट पर हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि पिछले एक सप्ताह के भीतर कंट्रोल टावर पर यह तीसरा हमला है।
भारत के लिए चाबहार पोर्ट विशेष रणनीतिक महत्व रखता है। इस बंदरगाह के विकास में भारत ने निवेश किया है और इसका संचालन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) कर रही है। यह पोर्ट भारत को पाकिस्तान के रास्ते पर निर्भर हुए बिना अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है।
ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी
ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान में जमीनी सैन्य कार्रवाई की, तो अमेरिकी सैनिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी कदम का करारा जवाब दिया जाएगा।
बाब अल-मंदेब और होर्मुज पर बढ़ा तनाव
सूत्रों के अनुसार ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों को संकेत दिया है कि यदि अमेरिकी हमले ऊर्जा और बिजली ढांचे तक पहुंचे, तो बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को बंद करने की तैयारी की जाए। वहीं समुद्री निगरानी एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई है।
भारतीय नाविकों को लेकर एहतियात
बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती रोकने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम को कम करना है।
कुवैत और बहरीन में भी बढ़ी हलचल
क्षेत्रीय तनाव के बीच कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबरें भी सामने आई हैं। इससे पश्चिम एशिया में संघर्ष के और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी चेतावनियों के बीच पश्चिम एशिया में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य कार्रवाई का दायरा और बढ़ा, तो इसका असर वैश्विक व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री परिवहन पर भी पड़ सकता है।