UAE के दो तेल टैंकर बने निशाना, एक भारतीय की मौत और छह घायल; बहरीन-जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले, अमेरिका ने ईरान के सैन्य अड्डों पर पांच घंटे तक की बमबारी
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा यूएई के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला किए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज हो गया है। हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों समेत आठ लोग घायल हुए हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। ईरान ने यूएई के दो तेल टैंकरों पर क्रूज मिसाइलों से हमला कर दिया, जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों सहित आठ लोग घायल हो गए। यूएई रक्षा मंत्रालय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ‘मोंबासा’ और ‘अल बहिया’ नामक टैंकर हमले की चपेट में आए।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने बहरीन स्थित अल-जुफैर सैन्य अड्डे और अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इसके अलावा जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और एयरबेस को भी बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
अमेरिका का पलटवार, कई सैन्य ठिकाने निशाने पर
ईरानी हमलों के बाद अमेरिका ने व्यापक सैन्य कार्रवाई करते हुए करीब पांच घंटे तक ईरान के कई सामरिक ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में स्थित ईरान की पनडुब्बी और नौसैनिक रखरखाव सुविधाओं पर भी हमले किए। बताया गया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की समुद्री सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
होर्मुज को लेकर ट्रम्प का नया प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। इसके बदले प्रत्येक कार्गो जहाज से 20 प्रतिशत सुरक्षा शुल्क वसूला जाएगा। साथ ही ईरानी जहाजों और उनसे जुड़े ग्राहकों पर नई आर्थिक पाबंदियों की भी घोषणा की गई।
ईरान का सख्त संदेश
ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने स्पष्ट किया कि तेहरान किसी भी कीमत पर होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण कमजोर नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के दबाव या सैन्य कार्रवाई के आगे ईरान झुकने वाला नहीं है।
रूस की गतिविधियों पर भी बढ़ी नजर
इस बीच, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच रूस के विशेष कमांड विमान Tu-214PU के तेहरान पहुंचने की खबरों ने भू-राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। यह विमान आपातकालीन परिस्थितियों और बड़े सैन्य अभियानों के दौरान राष्ट्रपति और शीर्ष सैन्य नेतृत्व के कमांड सेंटर के रूप में उपयोग किया जाता है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।