एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी; कांग्रेस ने संसद में मुद्दा उठाने का ऐलान किया
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में कहा कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी और इस गंभीर विषय पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में जंतर-मंतर पर अपना आंदोलन फिर शुरू कर दिया, जबकि कांग्रेस ने भी संसद में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की घोषणा की है।
नई दिल्ली (ए)। पेपर लीक विवाद को लेकर देश की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों तेज हो गए हैं। मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने के बजाय छात्रों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद बताया कि प्रधानमंत्री ने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि पेपर लीक के दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और किसी प्रकार का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
इधर, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार सुबह से बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी फिर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है। इसी कारण मंगलवार को संसद मार्च नहीं निकाला गया, बल्कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना जारी रखा गया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है।
उधर, कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। पार्टी के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सोमवार को छात्रों के साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। कांग्रेस संसद में इस मुद्दे को उठाएगी तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।
पेपर लीक विवाद को लेकर सरकार, विपक्ष और छात्र संगठनों के बीच टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक हलचल आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।