मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी वर्षा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया; अब तक सामान्य से 24% कम हुई मानसूनी बारिश
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। रायगढ़ में मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश से कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और घरों में पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदेश में अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से 24 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
रायपुर। प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज होने लगी हैं। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना व्यक्त की गई है।
मंगलवार तड़के रायगढ़ में हुई मूसलाधार बारिश से शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। पैठू डबरी, चंद्रनगर की नामदेव गली और वार्ड क्रमांक-18 सहित कई मोहल्लों में घुटनों तक पानी भर गया। कई घरों में बारिश का पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी, जबकि सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तर और मध्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी वर्षा हुई। सबसे अधिक 110 मिलीमीटर बारिश प्रतापपुर में रिकॉर्ड की गई।
लगातार बारिश के बावजूद पूरे मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसत से 24 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सक्रिय मानसून के चलते वर्षा के आंकड़ों में सुधार होने की संभावना है।
बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ।
मौसम विभाग ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों, निचले इलाकों के निवासियों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। साथ ही खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।