केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सदन में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने पर जोर
रायपुर/नई दिल्ली (ए)। जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर सोमवार शाम नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में मिशन की वर्तमान प्रगति, संसदीय क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत मंथन किया गया।
सांसदों ने साझा किए क्षेत्रीय सुझाव
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित लोकसभा सांसद चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, कमलेश जांगड़े, ज्योत्सना महंत, संतोष पांडेय, विजय बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, रूपकुमारी चौधरी, महेश कश्यप और भोजराज नाग उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं रखीं।
हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की रणनीति
बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों को योजनाओं के क्रियान्वयन में शामिल करने पर विशेष चर्चा हुई।
मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने मिशन की नियमित समीक्षा, समयबद्ध कार्यान्वयन और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। अधिकारियों ने मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं, वित्तीय प्रावधानों और कार्यान्वयन रणनीति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
जिला स्तर पर सांसदों की सक्रिय भूमिका अहम
बैठक में सांसदों से जिला स्तरीय DIHSA बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया गया। साथ ही, ‘जल अर्पण’ कार्यक्रमों में शामिल होकर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण और ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण की प्रक्रिया को गति देने की अपील की गई।
केंद्र और राज्य मिलकर देंगे योजनाओं को गति
बैठक में यह भी तय किया गया कि जल जीवन मिशन 2.0 के लक्ष्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक भी बैठक में उपस्थित रहे।