देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर लगाम कसने के उद्देश्य से संसद ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। संशोधित कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा में धांधली से जुड़े मामलों में अब अधिकतम 10 वर्ष की कैद और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। वहीं, राज्यसभा ने वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाले राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक-2026 को भी मंजूरी दे दी।
नई दिल्ली (ए)। देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में संसद ने अहम पहल की है। लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक पर मंगलवार को लंबी चर्चा हुई, जिसके बाद विपक्ष के हंगामे के बीच इसे मंजूरी मिली।
संशोधित कानून के तहत पेपर लीक, परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी और अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। अब ऐसे मामलों में दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष तक का कारावास और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि यह कानून परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं के भविष्य की रक्षा के उद्देश्य से लाया गया है।
इधर, राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक-2026 को भी पारित कर दिया। नए प्रावधानों के अनुसार अब वंदे मातरम् को भी राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानूनी संरक्षण के दायरे में शामिल किया गया है। इसके तहत राष्ट्रगीत का अपमान, अनादर करना या उसके गायन में बाधा उत्पन्न करना दंडनीय अपराध माना जाएगा। दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक की जेल, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान रखा गया है।
संसद के दोनों सदनों में विधायी कार्यवाही पूरी होने के बाद लोकसभा और राज्यसभा की बैठक गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।