जगदीश पटेल उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी; सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी बनाया, तीनों राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव
नई दिल्ली (ए)। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में संगठन की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मंगलवार को तीनों राज्यों के लिए नए प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किए। बिहार में पार्टी की चुनावी रणनीति को संभाल चुके राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। गुजरात के नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को यूपी का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं सतीश पूनिया को पंजाब और तरुण चुग को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तावड़े को यूपी की कमान
विनोद तावड़े भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वे हरियाणा और बिहार के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2025 में बिहार में भाजपा की जीत के दौरान भी वे राज्य प्रभारी थे। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहने के अलावा वे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभा चुके हैं। अब उनके सामने उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव की रणनीति तैयार करने की चुनौती होगी।
जगदीश पटेल बने सह-प्रभारी
गुजरात भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश ईश्वरभाई पटेल को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। वे अमराईवाड़ी विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं और अहमदाबाद शहर भाजपा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अगस्त 2026 में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया था।
पूनिया को पंजाब, चुग को गुजरात
राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके सतीश पूनिया को अब पंजाब का प्रभारी बनाया गया है। वे इससे पहले हरियाणा के प्रभारी रह चुके हैं। जून 2026 में वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद तरुण चुग को गुजरात का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वे तेलंगाना के साथ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संगठनात्मक प्रभारी रह चुके हैं। अब गुजरात में पार्टी को लगातार सत्ता में बनाए रखने की जिम्मेदारी उनके सामने होगी।
तीनों राज्यों में 2027 में चुनाव
उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में नई नियुक्तियों को भाजपा की चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के सामने उत्तर प्रदेश और गुजरात में सत्ता बरकरार रखने, जबकि पंजाब में संगठन का विस्तार कर अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की चुनौती होगी।
यूपी में सत्ता बचाने की चुनौती
403 विधानसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च के दौरान चुनाव होने की संभावना है। राज्य में भाजपा की सरकार है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 37 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा को 33 सीटें मिली थीं। ऐसे में 2027 का चुनाव भाजपा के लिए सत्ता कायम रखने के साथ संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की अहम परीक्षा माना जा रहा है।
पंजाब में AAP के सामने भाजपा की चुनौती
117 विधानसभा सीटों वाले पंजाब में फरवरी 2027 में चुनाव होने हैं। फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार है और भगवंत मान मुख्यमंत्री हैं। 2022 में AAP ने 92 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। भाजपा आगामी चुनाव में राज्य की सभी 117 सीटों पर अकेले मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी के लिए संगठन विस्तार और अपना जनाधार बढ़ाना प्रमुख चुनौती होगी।
गुजरात में प्रदर्शन दोहराने की परीक्षा
182 सीटों वाले गुजरात में दिसंबर 2027 तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। राज्य में भाजपा की सरकार है और भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री हैं। 2022 के चुनाव में भाजपा ने 156 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब पार्टी के सामने अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने और सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है।