सीएम साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात; GAIL के प्रस्तावित प्लांट और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 पर हुई चर्चा
राजनांदगांव में प्रस्तावित GAIL (इंडिया) लिमिटेड के गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट को राज्य सरकार औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में अहम परियोजना के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात के दौरान कहा कि इस परियोजना से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बनेंगे, बल्कि इससे जुड़े सहायक उद्योगों और कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से उनके रायपुर स्थित निवास पर मुलाकात की। इस दौरान राजनांदगांव में प्रस्तावित गैस आधारित फर्टिलाइजर प्लांट, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 सहित प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव में प्रस्तावित फर्टिलाइजर प्लांट क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे सकता है। बड़े उद्योग की स्थापना से प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, सप्लाई, रखरखाव, सेवाओं और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी काम के अवसर बढ़ने की संभावना है।
आसपास के क्षेत्रों को भी मिलेगा फायदा
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्लांट का असर सिर्फ राजनांदगांव तक सीमित नहीं रहेगा। इससे आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ छोटे कारोबार और सहायक उद्योगों के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं। राज्य सरकार का जोर ऐसे निवेश पर है, जिसका लाभ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में दिखाई दे।
आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और नए निवेश को आकर्षित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। आधुनिक तकनीक और उच्च मूल्य आधारित विनिर्माण को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग के उभरते केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
निवेश का लाभ स्थानीय युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट और निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश में आने वाला निवेश सिर्फ उद्योग स्थापित करने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, क्षेत्रों को विकास और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का माध्यम बने। राजनांदगांव की प्रस्तावित फर्टिलाइजर परियोजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।